जम्मू, राज्य ब्यूरो।विधानसभा मे विपक्ष के नेता और नेशनल कांफ्रेस के कार्यवाहक प्रधान उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि देश मे जम्मू-कश्मीर के युवाओं का मनोबल गिराने की कोशिशे हो रही है।हरियाणा में कश्मीरी छात्र की पिटाई के मुद्दे पर विधानसभा मे हंगामे का हवाला देते हुए उमर ने कहा कि केद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के युवाओ के लिए आइएएस परीक्षा मे पांच साल की छूट वापस लेकर गलत किया है। उमर ने कल विपक्ष के साथ कश्मीरी युवा की हरियाणा मे पिटाई के मुद्दे पर वाकआउट किया था।

शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए उमर ने कहा कि क्या ऐसा फैसला करने से पहले राज्य सरकार को विश्वास में लिया गया, यह बताया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं को वर्ष 1995 के बाद से आयु सीमा मे छूट दी जा रही थी। हर दो साल बाद इस छूट को बरकरार रखने का फैसला किया जाता था। अब केंद्र सरकार ने इस छूट को एकदम खत्म कर दिया है। इससे उन हजारों युवाओ को नुकसान हुआ है, जो इस परीक्षा की तैयारी मे पैसे लगा रहे थे।प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह का नाम लिए बिना उमर ने कहा कि यह फैसला उस समय हुआ है, जब केद्र का डिपार्टमेट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग भी जम्मू-कश्मीर के सांसद के पास है। इस मामले में विधानसभा में राज्य सरकार से जवाब मागते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को ध्यान मे रखते हुए यह मसला केंद्रीय मंत्रालय से उठाया जाएगा। इस फैसले से उन हजारों युवाओ का मनोबल गिरा है, जो इस परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत कर रहे थे।

उमर के यह मुद्दा उठाने पर सदन की कार्यवाही का सचालन कर रहे डिप्टी स्पीकर नजीर गुरेजी ने कहा कि उप मुख्यमत्री डॉ. निर्मल सिंह को सदन को बताना चाहिए कि क्या राज्य सरकार यह मसला केंद्र सरकार से उठाएगी। डिप्टी स्पीकर के इस मामले में हस्तक्षेप करने पर ससदीय मामलों के मंत्री अब्दुल रहमान वीरी खड़े हो हुए। उन्होने विश्वास दिलाया कि केद्र सरकार से यह मुद्दा उठाने के लिए मुख्यमंत्री से बात की जाएगी।

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