श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। सकारात्मक और सुलह वाली सियासत की अनुपस्थिति के कारण कश्मीर में निराशा के वातावरण के चलते स्थानीय युवाओं में मुख्यधारा के प्रति विमुखता की भावना बढ़ रही है। प्रमुख विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेंस के कार्यवाहक प्रमुख उमर अब्दुल्ला ने नेकां मुख्यालय में प्रांतीय इकाई की बैठक में राज्य के मौजूदा हालात पर चर्चा की।

उमर ने कहा कि इस समय स्थानीय युवा अत्यंत निराश हैं। सरकार की जनविरोधी नीतियों के चलते युवाओं में विमुखता की भावना बढ़ती जा रही है। राज्य में लगातार राजनीतिक असमंजस, राज्य सरकार की अक्षमता और बिगड़ती कानून व्यवस्था के चलते राज्य में सुखद बदलाव लाने के पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार के सभी दावे खोखले साबित हुए हैं।

राज्य में अराजकता और अस्थिरत का माहौल अत्यंत चिंता का विषय है। पूरी गंभीरता से स्थिति को हल करने का प्रयास किए जाने की जरूरत है। अन्यथा स्थिति पूरी तरह बेकाबू हो जाएगी। उमर ने कहा कि राज्य सरकार की भाई-भतीजावाद की नीतियां, चोर दरवाजे से नियुक्तियों और भ्रष्टाचार राज्य के मेहनती युवाओं के सम्मान पर एक आघात हैं।

प्रतिभाशाली और मेहनती युवाओं को नकार, सत्ताधारी दल के नेताओं के बच्चों व रिश्तेदारों को मलाई वाली सरकारी नौकरियां दी जा रही हैं। नेकां प्रमुख ने राज्य लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली पर रोष जताते हुए कहा कि न्यायपालिका द्वारा इस मामले में किए हस्ताक्षेप के बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुफती की आंखें जरूर खुल जानी चाहिए। उन्हें इसका आत्मचिंतन जरूर करना चाहए कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों आई है।

उन्होंने कहा कि राज्य में सुरक्षा, विश्वास, शांति और सौहार्द का माहौल बनाए रखने के बजाय मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के मंत्रिमंडल में शामिल वरिष्ठ नेता सांप्रदायिक ताकतों के साथ खुलेआम मार्च करते हुए एक समुदाय विशेष को तुष्ट कर रहे हैं।

Posted By: Preeti jha