जम्मू, एएनआई। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के बयान पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि आज के बाद जम्मू-कश्मीर में किसी भी राजनेता, सेवारत या सेवानिवृत्त नौकरशाह की हत्या होती है तो उसके लिए सत्यपाल मलिक जिम्मेदार होंगे। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने रविवार को एक विवादित बयान दिया था। उन्होंने बंदूक उठाने वाले आतंकियों से कहा कि आम लोगों और बेकसूर पुलिस वालों को क्यों मार रहे हैं। मारना ही है तो उन्हें मारो जो देश को लूट रहे हैं।

जानकारी हो कि सत्यपाल मलिक ने रविवार को कहा था कि आतंकियों को पुलिसवालों की जगह भ्रष्ट राजनेताओं और नौकरशाहों की हत्या करनी चाहिए। सत्यपाल मलिक का तर्क था कि यही लोग राज्य को लूट रहे है। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा था, 'पुलिस अपना काम बहुत अच्छे से कर रही है लेकिन अगर एक भी जान जाती है, अगर वो आतंकी की भी क्यों न हो तो मुझे तकलीफ होती है। हम चाहते हैं कि हर कोई वापस आए। करगिल में भाषण के दौरान सत्यपाल मलिक ने यह भी कहा कि यहां के नेता ही राज्य को लूट रहे हैं, इसलिए आतंकी नेताओं को ही मारें, पुलिसवालों को नहीं। राज्यपाल के इस बयान पर उमर अब्दुल्ला भड़क गए और कह दिया कि अगर किसी भी नेता की हत्या होती है तो उसके राज्यपाल जिम्मेदार होंगे।

बता दें कि राज्यपाल सत्यपाल मलिक के बयान पर विवाद बढ़ता जा रहा है। जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि आज के बाद जम्मू-कश्मीर में किसी भी राजनेता, सेवारत / सेवानिवृत्त नौकरशाह की हत्या होती है तो उसके लिए सत्यपाल मलिक जिम्मेदार होंगे।

जम्म-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक अपने बयान को लेकर विवादों में हैं। इस बयान पर नेशनल कांफ्रेस के नेता उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर सत्यपाल मलिक को घेरने की कोशिश की, तो राज्यपाल उन्हें भी लपेटने से नहीं चूके। उन्होंने कहा कि उमर वास्तव में राजनीतिक तौर पर बच्चे ही हैं। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सोमवार को कहा कि मैने आतंकियों को सुरक्षाबलों पर हमला करने के बजाय राज्य में लूट खसूट करने वालों को निशाना बनाने के लिए यहां भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा से हताश और निराश होकर ही कहा है। बेशक एक राज्यपाल होने के नाते मुझे इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। लेकिन मेरी निजी भावना वही है जो मैने कहा है। यहां बहुत से राजनीतिक नेता और वरिष्ठ नौकरशाह गले तक भ्रष्टाचार में पूरी तरह डूबे हुए हैं।

नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला द्वारा अपने ब्यान पर किए गए टवीट का हवाला देत हुए उन्होंने कहा कि अमर अब्दुल्ला तो अभी सियासी रुप से नासमझ और अपरिपक्व हैं। वह तो एक पॉलिटिकल ज्यूवेनाइल हैं जो हर बात पर टवीट करते रहते हैं। आप उनके ट्वीट पर लोगों की प्रतिक्रिया देखें, आप समझ जाएंगे।

जानकारी के अनुसार जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने रविवार को एक विवादित बयान दिया था। उन्होंने बंदूक उठाने वाले आतंकियों से कहा कि आम लोगों और बेकसूर पुलिस वालों को क्यों मार रहे हैं। मारना ही है तो उन्हें मारो जो देश को लूट रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि बंदूक किसी समस्या का समाधान नहीं है। कारगिल में आयोजित एक समारोह में राज्यपाल ने कहा कि कश्मीर में जिन लोगों ने बंदूक उठा रखी है, वे पीएसओ (पर्सनल सिक्योरिटी अफसर) और एसपीओ (स्पेशल पुलिस अफसर) को मार रहे हैं। आप उन्हें क्यों मार रहे हो? उन्हें मारो जो मुल्क और कश्मीर को लूट रहे हैं। क्या इनमें से किसी को मारा?

राज्यपाल ने कहा था, आतंकी बनने वाले युवा फिजूल में अपनी जिंदगी गंवा रहे हैं। बंदूक उठाकर सरकार को नहीं हरा सकते। श्रीलंका में एलटीटी सबसे खतरनाक था। वह सभी सरकार से लड़ते हुए खत्म हो गए। अब तो ऐसे लड़के सिर्फ ढाई सौ के आसपास ही रह गए हैं। इनमें से सौ के करीब पाकिस्तानी हैं।

हम तो जीते जी युवाओं को जन्नत दे रहे 
राज्यपाल ने कहा था कि अलगाववादी इन युवाओं को गुमराह कर रहे हैं कि मरने के बाद उन्हें जन्नत मिलेगी। हम तो जीते जी उन्हें जन्नत दे रहे हैं। एक तो कश्मीर खुद ही जन्नत है। इसे विकसित करने के लिए काम करें। अपने बच्चों को पढ़ाएं और कश्मीर के विकास के लिए काम करें। राज्यपाल ने कहा था कि एक बेहतर मुसलमान के तौर पर मरोगे तो जन्नत मिलेगी। उन्होंने कहा था कि कश्मीर में माहौल अब बदल रहा है।

उन्होंने कहा था कि जम्मू कश्मीर दुनिया की सबसे खूबसूरत और नायाब जगह है, लेकिन पहले के दिल्ली और कश्मीर के नेताओं ने इसे बर्बाद कर दिया। दिल्ली के नेताओं ने तो चुनाव में बेमानी की। गलत लोगों को बिठाया। एक वोट वालों को कुर्सी पर बिठा दिया। घाटी वाले नेता ऐसे वादे करते हैं, जो पूरे ही नहीं हो सकते। कभी आजादी की तो कभी ऑटोनमी की बात करते हैं।

भारत सुपर पावर है
उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ हुर्रियत वालों को बताकर गए कि भारत सुपर पावर है। इससे केवल बातचीत से कुछ हासिल किया जा सकता है। यहां का संविधान, झंडा सब अलग है। यहां पर बातचीत से ही सब लिया जा सकता है। इस समय कश्मीर में सुबह पांच बजे हाजी हज के लिए जाते हैं तो इसके बाद हजारों की संख्या में अमरनाथ यात्री। सब कुछ शांति के साथ चल रहा है। नेताओं को बस यह चाहिए कि झगड़ा कैसा हो, दिल्ली से क्या लिया जाए। 

Posted By: Preeti jha

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