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    उमर अब्दुल्ला ने फिर छेड़ा Article 370 का राग, बीजेपी ने घेरा; कहा- ठीक से सरकार नहीं चला पा रहे हैं

    Updated: Wed, 26 Feb 2025 10:30 AM (IST)

    जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक बार फिर अनुच्छेद 370 (Omar Abdullah on Article 370) को लेकर बयान दिया है। उन्होंने अनुच्छेद 370 को स्थायी मानने की बात कही। उमर के इस बयान पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी ने कहा है कि उमर सरकार ठीक से नहीं चला पा रहे हैं और केंद्र पर आरोप लगा रहे हैं।

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    जम्मू सचिवालय में मंगलवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला आठ विभागों के अधिकारियों व मंत्रियों संग बैठक करते हुए

    राज्य ब्यूरो, जम्मू। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक बार फिर अनुच्छेद 370 (Omar Abdullah on Article 370) का राग छेड़ा। उमर ने कहा कि यदि जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय स्थायी था तो इसे संभव बनाने वाली प्रक्रिया, जिसमें अनुच्छेद 370 भी शामिल है, उसे भी स्थायी माना जाना चाहिए।

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    370 को लेकर दिए इस बयान पर उमर भाजपा व अन्य दलों के निशाने पर आ गए हैं। भाजपा ने कहा कि उमर सरकार ठीक से नहीं चला पा रहे हैं और केंद्र पर आरोप लगा रहे हैं। उन्हें अनावश्यक राजनीतिक बयानबाजी में उलझने के बजाय जम्मू-कश्मीर की प्रगति में सकारात्मक और व्यावहारिक भूमिका निभानी चाहिए।

    आर्टिकल 370 के विशेषाधिकारों को बताया वैध 

    एक मीडिया संस्थान में कार्यक्रम में उमर ने अनुच्छेद 370 के तहत विशेषाधिकारों को वैध ठहराया। कहा कि इसके विशेष प्रविधान मनमाने नहीं थे, बल्कि विलय के समय जम्मू-कश्मीर के लोगों से किए गए एक वादे का हिस्सा थे। विलय उन शर्तों पर आधारित था, जो जम्मू-कश्मीर को भारतीय संघ के भीतर एक विशेष स्थान की गारंटी देते थे।

    मीरवाइज की सुरक्षा पर कहा- हालात बदल गए

    कई मंचों से केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जम्मू-कश्मीर में निष्पक्ष चुनाव करवाने को लेकर सराहना कर चुके उमर ने प्रदेश के समग्र सुरक्षा परिदृश्य में बीते पांच वर्ष के दौरान सुधार संबंधी सवाल पर कहा कि सिर्फ दो से तीन प्रतिशत ही बदलाव आया है, लेकिन टिप्पणी की, ‘कोई भी कल्पना नहीं कर सकता था कि मीरवाइज उमर फारूक को केंद्र सरकार से सीआरपीएफ सुरक्षा मिलेगी।’

    उन्होंने कहा कि मैं इसके बारे में कभी नहीं सोच सकता था, लेकिन हालात बदल गए हैं। अलगाववादी सियासत अब समाप्त हो चुकी है, मीरवाइज उमर फारूक को फिर से सीआरपीएफ का सुरक्षा कवच प्रदान किया जाना इस बदलाव की पुष्टि करता है।

    सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अगर अलगाववादी सियासत की समाप्ति जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा परिदृश्य सुधारा है, तो निश्चित रूप से सुधार हुआ है और यह अच्छी बात है।

    मीरवाइज ने की निंदा

    मीरवाइज मौलवी उमर फारूक ने कहा कि उमर का बयान निरर्थक और खेदजनक है। उनसे एक नेता के रूप में, जिम्मेदारी और परिस्थितियों को समझते हुए बोलने की उम्मीद की जाती है, लेकिन वह पूरी तरह से अपरिपक्व नजर आते हैं। उन्होंने असमंजसपूर्ण बातें कही हैं।

    केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभा की व्यवस्था घटिया बताई

    जम्मू-कश्मीर में दोहरी शासन व्यवस्था और उपराज्यपाल के पास विभिन्न प्रशासनिक अधिकारों को लेकर उमर ने कहा कि यह कोई प्रभावी और आदर्श व्यवस्था नहीं है। अगर इस मुल्क में कोई सबसे घटिया और बकवास व्यवस्था है तो केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा की व्यवस्था है। यह लोगों के साथ धोखा है।

    उन्होंने कहा कि आप या पूरी तरह से केंद्र शासित प्रदेश की व्यवस्था लागू करें या फिर पूर्ण राज्य की। केंद्र शासित प्रदेश और विधानसभा की व्यवस्था पंडुचेरी, जम्मू-कश्मीर और उन सभी प्रदेशों के लिए जहां यह है, लोगों के साथ धोखा है। अगर यह बहुत अच्छी है तो फिर पूरे देश में इसे लागू किया जाए। राष्ट्रपति को भी पूर्ण अधिकार दिए जाएं। लोगों ने अगर कही अपनी सरकार चुनी है तो उसे पूर्ण अधिकार होना चाहिए।

    कश्मीर में आतंकी हिंसा में कमी पर जम्मू संभाग में बढ़ी

    प्रदेश के हालात और लोगों में राष्ट्रीय मुख्धारा से जुड़ाव पर उमर ने कहा कि इसपर कोई तय पैमाना नहीं है। कुछ जगह आपको मुख्यधारा से विमुखता का थोड़ा बहुत या ज्यादा भाव नजर आ सकता है और कुछ जगह नहीं, एक हाथ की पांचों अंगुलियां बराबर नहीं होती।

    सीएम ने कहा कि आप पांच लोगों से बात करें तो उनमें से दो की सोच आपसे अलग ही होगी। यहां आतंकी हिंसा में कमी आई है, लेकिन जम्मू संभाग जो पहले पूरी तरह आतंकी हिंसा से मुक्त हो चुका था, अब फिर वहां हालात बिगड़े हैं।

    जम्मू-कश्मीर में आतंकी हिंसा में पाकिस्तान की भूमिका को स्वीकारते हुए उमर ने कहा कि यहां हालात बिगाड़ने की पाकिस्तान की कोशिशें कभी बंद नहीं हुई है, कभी घट जाती हैं, कभी बढ़ जाती हैं। अगर वह बंद कर दे तो यहां हालात पूरी तरह ठीक हो जाएंगे।

    लोन ने दी कड़ी प्रतिक्रिया, बोले- फिल्म अभी बाकी है

    पीपुल्स कान्फ्रेंस के चेयरमैन सज्जाद गनी लोन ने कहा कि उमर अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण के मामले को ज्यादा तरजीह न देकर एक तरह से केंद्र सरकार के फैसले को सही ठहराने का प्रयास कर रहे हैं। वह अपने मतदाताओं के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म तो अभी बाकी है, अभी बहुत कुछ सुनने-देखने के लिए तैयार रहिए।

    मुख्यमंत्री उमर जानबूझकर लोगों में असमंजस पैदा कर रहे

    पठानिया भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधायक आरएस पठानिया ने उमर पर निशाना साधते हुए कहा कि वह पांच अगस्त 2019 के बाद से जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर जानबूझकर असमंजस पैदा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बेहतर सुरक्षा माहौल और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को स्वीकारते हुए जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद को पोषण देने वाले अनुच्छेद 370 और विशेष दर्जे की बहाली के मुद्दे को उठाने का प्रयास किया है।

    पठानिया ने कहा कि एक तरफ वह आतंकवाद पर अंकुश लगाने के लिए पांच अगस्त, 2019 के बाद उठाए गए कदमों की सराहना करते हैं। दूसरी तरफ वह राज्य का दर्जा और दोहरी शक्तियों जैसे गैर-मुद्दों को लेकर विवाद खड़ा करने की कोशिश करते हैं।

    पठानिया ने आरोप लगाया कि उमर सत्ता में रहते हुए प्रभावी ढंग से शासन करने में विफल रहे और दोष दूसरे पर मढ़ने का प्रयास कर रहे हैं।

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