जम्मू, ललित कुमार: पकौड़े व पकवान बनाने के बाद अकसर लोग खाद्य तेल को फेंक देते हैं, लेकिन अब यह तेल बायो-डीजल बनाने के काम आ रहा है। जम्मू-कश्मीर में भी इस्तेमाल हुए खाद्य तेल को एकत्रित करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए फूड सेफ्टी विभाग ने विशेष टीमों का गठन किया है, जो आने वाले दिनों में प्रदेश के सभी होटलों-रेस्तरां व स्ट्रीट फूड वालों को इसके प्रति जागरूक करेगी।

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथारिटी आफ इंडिया ने एराइस ग्रीन प्राइवेट लिमिटेड जयपुर, राजस्थान को प्रदेश में इस्तेमाल हुए खाद्य तेल को एकत्रित करने की जिम्मेदारी सौंपी है। कंपनी ने जम्मू कश्मीर में इस काम के लिए मैसर्स सुशील वैष्णव को जिम्मेदारी सौंपी है। यह कंपनी होटलों-रेस्तरां व रेहड़ी वालों को भुगतान कर इस्तेमाल खाद्य तेल लेगी और एकत्रित खाद्य तेल को बायो-डीजल तैयार करने के लिए प्लांट में भेजेगी।

आमतौर पर रिफाइंड तेल को लोग तब तक इस्तेमाल करते हैं, जब तक वो काला न हो जाए। ऐसे तेल में बने खाद्य पदार्थ सेहत के लिए नुकसानदायक होते हैं। फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड के तहत टोटल पोलर कंपाउंड के 25 से अधिक होने पर खाद्य तेल इस्तेमाल के लायक नहीं रहता है। बड़े होटल व रेस्तरां फ्राई में इस्तेमाल खाद्य तेल को रेहड़ी-फड़ी वालों को सस्ते दाम पर बेच देते हैं और वे इनका दोबारा इस्तेमाल करते रहते हैं। अब फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथारिटी आफ इंडिया ने 25 टीपीसी से अधिक के खाद्य तेल के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए जुर्माने का प्रविधान रखा है।

तेल का रखना होगा पूरा रिकार्ड: फूड सेफ्टी एंड ड्रग्स कंट्रोल विभाग जम्मू-कश्मीर ने प्रदेश के सभी होटलों व रेस्तरां संचालकों को फ्राई में इस्तेमाल तेल का पूरा रिकार्ड रखने के निर्देश दिए हैैं। अब होटल-रेस्तरां को महीने में खरीदे जाने वाले खाद्य तेल का पूरा रिकार्ड रखना होगा। इसके आधार पर इस्तेमाल के बाद तेल अलग से एकत्रित करना होगा, जिसे बायो-डीजल बनाने के लिए कंपनी खरीदेगी। इस्तेमाल हुए तेल की किसी दूसरे को बिक्री करने पर जुर्माना किया जाएगा।

  • केंद्र सरकार की ओर से इसे लेकर सर्कुलर जारी किया गया है। इसके तहत तीन बार से अधिक तेल का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। विभाग अब इसे लेकर होटल-रेस्तरां संचालकों व रेहड़ी-फड़ी वालों को जागरूक कर रहा है। इसके लिए विभिन्न टीमें गठित की गई हैं, जो जांच करेंगी। डा. परवेश, असिस्टेंट फूड कमिश्नर, फूड सेफ्टी विभाग 

Edited By: Rahul Sharma