जम्मू, राज्य ब्यूरो : जम्मू कश्मीर में पॉलीटेक्निक कॉलेज में अब लिखित परीक्षा के बजाय दसवीं की बोर्ड परीक्षा के मेरिट के आधार पर दाखिला मिलेगा। तकनीकी शिक्षा विभाग भी कौशल विकास विभाग बन जाएगा। इससे कौशल विकास और कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता और उसके समुचित सदुपयोग को सुनिश्चत बनाने में मदद मिलेगी। उपराज्यपाल जीसी मुर्मू की अध्यक्षता में प्रशासनिक परिषद की बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी मिल चुकी है।

कौशल विकास के पास इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट जम्मू व श्रीनगर का प्रशासकीय नियंत्रण भी रहेगा। प्रदेश प्रशासन के प्रवक्ता और ऊर्जा विकास विभाग के प्रधान सचिव रोहित कंसल ने बताया कि उपराज्यपाल की अध्यक्षता में हुई प्रशासनिक परिषद की बैठक में तकनीकी शिक्षा विभाग में सुधार लाते हुए उसे बदलते परिवेश के अनुरूप बनाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई है। परिषद ने विभाग के नाम, संगठनात्मक ढांचे और प्रक्रियात्मक सुधारों व पॉलीटेक्निक में दाखिला प्रक्रिया को भी बेहतर बनाने के प्रस्ताव मंजूर किए हैं।

परिषद की ओर से लिए गए फैसले के मुताबिक तकनीकी शिक्षा निदेशालय अब कौशल विकास निदेशालय बन जाएगा। इसके साथ ही विभाग का ध्यान अब पॉलीटेक्निक कॉलेजों में तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि बाजार व उद्योगों की बदलती मांग और आवश्यकता अनुरूप कुशल मानव संसाधन जुटाने पर केंद्रित रहेगा।

आइटीआइ में बदलते परिवेश के मुताबिक पाठयक्रमों में सुधार होगाः प्रशासकीय परिषद ने पॉलीटेक्निक और आइटीआइ में बदलते परिवेश के मुताबिक पाठयक्रमों में सुधार व संशोधन और भविष्य की जरूरतों के मुताबिक ट्रेड, विषयों में पर्याप्त सुधार, नए विषयों को पढ़ाने, पाठयक्रमों में बदलाव, नई प्रयोगशालों व उपकरणों को जुटाने के लिए कंसलटेंसी की सेवाएं प्राप्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।

अब बोपी नहीं बीओटीई संभालेगी दाखिला प्रक्रिया की जिम्मेदारीः इसके अलावा बोर्ड ऑफ प्रोफेशनल एंट्रेंस एग्जामिनेशन (बोपी) को पॉलीटेक्निक कॉलेज में दाखिला प्रक्रिया के संचालन की जिम्मेदारी से मुक्त करते हुए यह जिम्मेदारी बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजूकेशन (बीओटीई) को दे दी है। इसके अलावा बीओटीई की काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगर किसी पॉलीटेक्निक कॉलेज या आइटीआइ संस्थान में कोई सीट खाली रहती है तो संबंधित संस्थान अपने स्तर पर इन सीटों को भर सकते हैं।

दसवीं की परीक्षा में न्यूनतम 40 फीसद अंक को 35 फीसद किया गयाः प्रदेश प्रशासन के प्रवक्ता ने बताया कि अब 2021 से शुरू होने वाले सत्र में पॉलीटेक्निक कॉलेजों व आइटीआइ में दाखिला प्रक्रिया भी पूरी तरह बदली होगी। इसके लिए अब लिखित परीक्षा नहीं होगी बल्कि एआइसीटीई के नियमों के मुताबिक बीओटीई अभ्यर्थियों को दसवीं की बोर्ड परीक्षा में अर्जित अंकों व मेरिट के आधार पर दाखिला प्रदान करेगा। दाखिला प्रक्रिया को एआइसीटीई की नियमावली के अनुरूप बनाने के लिए ही प्रशासकीय परिषद ने डिप्लोमा पाठयक्रमों के लिए पात्रता योग्यता को घटाया है। मौजूदा परिस्थितियों में दसवीं व एसएससी की परीक्षा में न्यूनतम 40 फीसद अंक चाहिए, जो अब 35 फीसद कर दिए गए हैं।

ट्रांसजेंडर वर्ग के लोगों को एक हजार मासिक पेंशन मिलेगीः जम्मू कश्मीर प्रशासन ने प्रदेश में ट्रांसजेंडर वर्ग के लोगों की मदद के लिए एक हजार की मासिक पेंशन देन का भी एलान किया। इसकी जानकारी प्रदेश प्रशासन के प्रवक्ता रोहित कंसल ने दी। उन्होंने बताया कि परिषद ने जम्मू कश्मीर एकीकृत सामाजिक सुरक्षा योजना दायरे में ट्रांसजेंडर वर्ग को भी शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे पहले यह लोग इस योजना के तहत वित्तीय मदद के हकदार नहीं थे। प्रशासकीय परिषद के फैसले के बाद समाज का यह उपेक्षित वर्ग हर माह एक हजार की मासिक पेंशन का हकदार हो गया है। योजना के तहत बेसहारा, वृद्धों, विधवाओं, तलाकशुदा महिलाओं, निराश्रितों, अनाथ और दिव्यांगों के अलावा उन्हीं लोगों को मदद दी जाती रही है जिनके पास आजीविका का कोई साधन नहीं हो।

Posted By: Rahul Sharma

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