श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। आतंकियों के साथ पकड़े गए पुलिस डीएसपी देवेंद्र सिंह काे प्रदान किया गया वीरता पुरस्कार को वापस लिया जा सकता है। इस संदर्भ में संबधित प्रशासन ने कार्रवाई शुरु कर दी है। इस बीच, राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआइए के दो वरिष्ठ अधिकारी भी डीएसपी और उसके साथ पकड़े गए दो आतंकियों से पूछताछ के लिए श्रीनगर पहुंच गए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन जांच का जिम्मा पूरी तरह एनआइए को साैंप सकता है।

गौरतलब है कि गत शनिवार को पुलिस ने दक्षिण कश्मीर में श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित अल-स्टाप, मीरबाजार कुलगाम में एक कार को रोका था। कार में डीएसपी देवेंद्र सिंह, हिज्ब का नामी आतंकी नवीद व उसका एक साथी और लश्कर का एक ओवरग्रांड वर्कर था। पुलिस ने इन सभी को हिरासत में लेते हुए कार में से हथियारों का एक जखीरा भी बरामद किया था। इसके बाद डीएसपी की निशानदेही पर पुलिस ने उसके घर से तीन ग्रेनेड, दो पिस्तौल और एक एसाल्ट राइफल बरामद की गई। इसकेअलावा लाखों रुपये के करंसी नोट भी मिले हैं।

संबधित अधिकारियों ने बताया कि देवेंद्र सिंह से हुुई शुरुआत और आतंकियों से उसके रिश्ते के बारे में जम्मू कश्मीर पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और केंद्रीय गृह सचिव को विस्तृत रिपोर्ट दी है। उन्होंने बताया कि आतंकरोधी अभियानों में हिस्सा लेते हुए समय से पूर्व पदोन्नति के आधार पर सब इंस्पेक्टर से डीएसपी बने देवेंद्र सिंह के प्रदान किए पुलिस वीरता पुरस्कार को भी अब वापस लिए जाने पर विचार किया जा रहा है। इस संदर्भ में संबधित प्रशासन ने कार्रवाई शुरु कर दी है। उसे यह पुरस्कार वर्ष 2017 में प्रदान किया गया था। उन्होंने बताया कि जिस तरह से देवेंद्र सिंह और आतंकियों के बीच गठजोड़ की परतें खुल रही है,उससे पुलिस बल की छवि को गहरा धक्का लगा है।

उन्होंने बताया कि देवेंद्र सिंह एक लंबे समय से आतंकियों के साथ जुड़ा हुआ था। वह उनके लिए सुरक्षित ठिकानों से लेकर उन्हें एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का भी बंदोबस्त करता था। उसने कई बार त्राल में अपने पैतृक घर में और कई बार श्रीनगर मे अपने मकान में भी आतंकियों को पनाह दी है। शनिवार को नवीद व अन्य तीन लोगों को सड़क के रास्ते चंडीगढ़ रवाना होने से पहले शुक्रवार की रात काे उसने इन आतंकियों को श्रीनगर स्थित अपने मकान में ही ठहराया था। पहले उसने इन सभी को हवाई जहाज के रास्ते ही कश्मीर से बाहर ले जाने की योजना बनायी थी,लेकिन एयरपोर्ट पर पकड़े जाने के डर से उसने यह इरादा बदला है। वह श्रीनगर एयरपोर्ट पर एंटीहाईजैक विग में तैनात था। उसने आतंकियों को कश्मीर से बाहर ले जाने के लिए चार दिन के लिए अवकाश प्राप्त किया था।

हालांकि अधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों कि मानें तो पूछताछ के दौरान डीएसपी देवेंद्र सिंह से पुलिस को पुलवामा पुलिस लाइन पर दो वर्ष हुए आतंकी हमले के बारे में भी कथित तौर पर कुछ अहम जानकारियां मिली हैं। दावा किया जाता है कि वह उन दिनों पुलवामा में ही तैनात थे।

इस बीच, एनआइए के दो वरिष्ठ अधिकारी भी डीएसपी देवेंद्र सिंह व उनके साथ पकड़े गए आतंकियों से पूछताछ के लिए श्रीनगर पहुंच चुके हैं। उन्होंने आज करीब एक घंटे तक डीएसपी से पूछताछ की है। इसके अलावा उन्होंने डीएसपी व उसके साथ पकड़े गए आतंकियों से अब तक हुई पूछताछ से जुड़े दस्तावेजों का भी संबधित अधिकारियों संग संज्ञान लिया है। सूत्रों की मानें तो प्रशासन इस पूरे मामले की जांच एनआइए को सौंप सकता है।

Posted By: Rahul Sharma

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