श्रीनगर, एएनआइ। जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। भारी बर्फबारी के बाद जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को फिर से बंद कर दिया गया है। जवाहर सुरंग के आसपास भारी बर्फबारी के कारण NH-44 बंद है। रामबन और जवाहर टनल (जेटी) के बीच सैकड़ों ट्रक फंसे है। सड़कों पर बर्फबारी जारी है। सुरंग के चारों ओर की सड़क से बर्फ हटाने और ट्रैफिक को फिर से शुरू करने के लिए काम किया जा रहा है

जानकारी है कि जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में हुई बर्फबारी के कारण तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। भारी बर्फबारी के बाद जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को फिर से बंद कर दिया गया है। इस कारण यहां वाहनों के फंसे होने की खबर सामने आ रही है।

जानकारी के अनुसार, कश्मीर घाटी के कई हिस्सों में बर्फबारी के कारण जम्मू से श्रीनगर को जोड़ने वाले एनएच 44 को बंद कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार वाहनों के फंसे होने की जानकारी मिल रही है। यातायात विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बर्फबारी के बाद जवाहर सुरंग के दोनों तरफ राजमार्ग पर बर्फ जमा हो गई है। हाइवे पर बर्फबारी के कारण सड़क बर्फ हटाने के काम में भी व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। 

बर्फ की सफेद चादर में लिपटा मां वैष्णो देवी का दरबार

मां वैष्णो देवी का दरबार, भैरव घाटी और त्रिकुटा पर्वत बर्फ की सफेद चादर में लिपटा हुआ है। देर रात से शुरू हुई बर्फबारी व बारिश अभी भी जारी है। वहीं श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने खराब मौसम के चलते श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर बैटरी कार सेवा, हेलीकाॅप्टर सेवा और भवन से भैरव घाटी के बीच चलने वाली पैसेंजर केबल कार को फिलहाल बंद कर दिया है। यही नहीं श्रद्धालुओं के पैदल भैरव घाटी की ओर जाने पर भी पाबंदी लगा दी है।

बर्फबारी और बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी देखने को नहीं मिल रही है। जय माता दी के जयकारे लगाते हुए श्रद्धालु निरंतर मां के दर्शनों के लिए दरबार की तरफ बढ़ रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए बोर्ड ने आपदा प्रबंधन व बोर्ड के कर्मचारियों को यात्रा मार्ग पर तैनात कर दिया है। पिछले दिनों बारिश के दौरान बैटरी कार मार्ग पर भूस्खलन होने से तीन श्रद्धालु घायल हो गए थे। ये मार्ग करीब छह दिन बाद गत सोमवार को ही श्रद्धालुओं के लिए खोला गया है। हालांकि बोर्ड कर्मचारी इस मार्ग पर भवन की ओर जाने व आने वाले श्रद्धालुओं को कहीं भी रूकने नहीं दे रहे हैं। उन्हें विश्राम करने के लिए शेड के नीचे खड़े होने के लिए ही कहा जा रहा है।

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Posted By: Preeti jha

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