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जम्मू में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का दूसरा दिन, बाइक रैली निकाली; शहर की स्वच्छता व्यवस्था बिगड़ी

Published: Fri, 02 Oct 2026 06:17 PM (IST)

जम्मू में एनजीओ सफाई कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही, जिससे शहर के कई इलाकों में सफाई व्यवस्था ...और पढ़ें

प्रदर्शन से पहले कर्मचारियों ने शहर में एक मोटरसाइकिल रैली निकाली।

प्रदर्शन से पहले कर्मचारियों ने शहर में एक मोटरसाइकिल रैली निकाली।

HighLights

  1. एनजीओ सफाई कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही।

  2. जम्मू के कई वार्डों में सफाई व्यवस्था चरमराने लगी है।

  3. कर्मचारी स्थायीकरण और एनजीओ सिस्टम खत्म करने की मांग पर अड़े।

जागरण संवाददाता, जम्मू। जम्मू नगर निगम के अधीन कार्यरत एनजीओ सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। कर्मचारियों के काम बंद करने से शहर के कई इलाकों, विशेष रूप से जम्मू पश्चिम के अंतर्गत आने वाले वार्डों में सफाई व्यवस्था चरमराने लगी है। जिन वार्डों की स्वच्छता का जिम्मा एनजीओ के पास है, वहां गलियों और मुख्य मार्गों पर कचरे के ढेर लगने शुरू हो गए हैं।

हड़ताल के दूसरे दिन बड़ी संख्या में एनजीओ सफाई कर्मी मुट्ठी स्थित जेडीए पार्क में एकत्रित हुए और अपनी लंबित मांगों को लेकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन से पहले कर्मचारियों ने शहर में एक मोटरसाइकिल रैली निकालकर अन्य कर्मियों को जागरूक किया और उनसे हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया।

एफआईआर को लेकर भड़के सफाई कर्मचारी

अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के महासचिव एवं नगर निगम के प्रधान अमर मोमन ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशासन एनजीओ कर्मियों की एकता को तोड़ने की साजिश रच रहा है और झूठी एफआईआर दर्ज करवाकर आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने सभी कर्मचारियों से किसी भी दबाव में न आते हुए एकजुट रहने की अपील की। वहीं आल जम्मू-कश्मीर वाल्मीकि वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान विजय आनंद गिल ने भी इस आंदोलन को समर्थन देते हुए प्रशासन से सफाई कर्मियों के साथ न्याय करने की मांग की।

मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी हड़ताल

कर्मचारी नेताओं ने दो-टूक चेतावनी दी है कि जब तक नगर निगम प्रशासन और संबंधित विभाग उनकी उचित मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लेते, तब तक यह हड़ताल अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगी। संघ की महिला विंग की राज्य प्रधान नीलम कुमारी, एनजीओ प्रधान अमानत मट्टू, रोशन ने भी एनजीओ कर्मचारियों को एकजुट रहने के लिए प्रेरित किया।

संघ की मांग है कि बिना किसी विलंब के वरिष्ठता सूची तत्काल जारी की जाए, एनजीओ कर्मचारियों को स्थायी किया जाए और एनजीओ सिस्टम को पूरी तरह समाप्त किया जाए। शहर के करीब पचास प्रतिशत वार्डों की स्वच्छता व्यवस्था एनजीओ कर्मियों के भरोसे चलती है और लगभग 2400 कर्मी यहां कार्यरत हैं।

काम के लिए दबाव और पुलिस में शिकायत की सूचना

आंदोलन के दौरान यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन और कुछ अन्य यूनियनों के नेता हड़ताल को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। कुछ इलाकों में सेनेटरी इंस्पेक्टरों व वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कर्मियों पर काम करने का दबाव बनाया जा रहा है। वहीं, कुछ एनजीओ प्रतिनिधियों व नेताओं के खिलाफ पुलिस में शिकायतें दर्ज कराए जाने की भी सूचना सामने आई है।

प्रेस क्लब के बाहर होंगे एकत्र

तीसरे दिन शनिवार को प्रेस क्लब के बाहर पहुंच कर प्रदर्शन करने की तैयारी की जा रही है। इससे पहले एनजीओ कर्मियों को जागरुक करने के लिए रैली व बैठकें भी की जाएंगी। शाम को आनलाइन कांफ्रेंस के जरिए भी विभिन्न क्षेत्रों में तैनात एनजीओ कर्मियों का समर्थन लिया जाएगा।

वहीं निगम प्रशासन ने सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए म्यूनिसिपल वर्कर्स यूनियन के नेताओं, सेनिटरी इंस्पेक्टरों, फील्ड स्टाफ से बातचीत तेज कर दी है। स्थायी कर्मचारियों को काम तेज करने और दायरा बढ़ाने के लिए कहा जा रहा है।