जम्मू, जागरण संवददाता: चढ़ते पारे के बीच जम्मू और उसके आसपास के क्षेत्रों में बिजली की कटौती लोगों के लिए जी का जंजाल बनी हुई है।बीते एक सप्ताह से पारा लगातार 41 डिग्री सेल्सियस को पार कर जाने से बिजली का ढांचा चरमरा कर रह गया है।शहर के बाहरी क्षेत्रों में तो हालत बद से बद्तर है।

यहां दिन में 4 घंटे ही बिजली की आपूर्ति संभव हो पा रही है।जम्मू के ग्रिड स्टेशन बरन में बिजली का लोड न उठा पाने से ट्रांसफार्मर में आग लग गई। जिससे कारण शहर के जानीपुर, रूपनगर, कोटभलवाल,बनतलाब,तलाब तिल्लों, पीरखो,ठठर,अखनूर के अलावा राजौरी के कुछ इलाकों में करीब 12 घंटों तक बिजली की आपूर्ति ठप रही।

पीडीडी विभाग के चीफ इंजीनियर अश्वनी सचदेवा का कहना है कि रात 9.30 बजे इन इलाकों में बिजली बहाल कर दी गई है।बिजली की किल्लत को दूर करने के लिए बरन में 160 एमवी और ग्लैडनी ग्रिड स्टेशन में 20 एमवी का नया ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा है।संभवत एक दो दिन में जम्मू शहर, उसके आसपास के क्षेत्रों के अलावा राजौरी, कालाकोट, हीरागनर आदि में बिजली की किल्लत दूर हो जाएगी। इसके अलावा सांबा जिले में भी ग्रिड स्टेशन बन रहा है।

संभवत इसके भी सुचारू होने से बार्डर पर रहने वाले ग्रामीणों को भी किल्लत से जूझना नही पड़ेगा।जम्मू में वीरवार को भी शहर के बाहरी इलाके मीरासाहिब, भौर कैंप, गाडीगढ़, रोहिमोड़,आरएसपुरा, रामगढ़ कस्बों और उसके साथ लगते 30 गांवों में बिजली की आपूर्ति केवल 4 से 8 घंटे ही संभव हो पाई।वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमन भल्ला ने उप राज्यपाल मनोज सिन्हा से अनुरोध किया है कि जम्मू में बिजली संकट को दूर करने में हस्तक्षेप करें।

वही माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने तो उप राज्यपाल प्रशासन का चेतावनी दी है कि अगर बिजली की आपूर्ति में सुधार नही हुआ तो वह सड़कों पर उतर आएंगे।

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