विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कश्मीर में मिली अनोखी ततैया, जबड़े और चेहरे पर बने तीन दांतों ने चौंकाया

Published: Mon, 19 Oct 2026 11:05 PM (IST)

कश्मीर विश्वविद्यालय परिसर में वैज्ञानिकों ने चेहरे पर तीन दांतों वाली सूक्ष्म परजीवी ततैया की एक नई प्रजाति, होमोपोरस ट्राइडेंटाटा, की खोज की है।

कश्मीर विश्वविद्यालय परिसर में मिली तीन दांतों वाली नई सूक्ष्म परजीवी ततैया।

कश्मीर विश्वविद्यालय परिसर में मिली तीन दांतों वाली नई सूक्ष्म परजीवी ततैया।

HighLights

  1. कश्मीर विश्वविद्यालय में सूक्ष्म परजीवी ततैया की नई प्रजाति मिली।

  2. तीन दांतों वाली नई परजीवी ततैया, नाम होमोपोरस ट्राइडेंटाटा।

  3. प्राकृतिक कीट नियंत्रण में उपयोगी हो सकती है यह महत्वपूर्ण खोज।

राज्य ब्यूरो, जम्मू। कश्मीर विश्वविद्यालय परिसर में वैज्ञानिकों ने सूक्ष्म परजीवी ततैया की एक नई प्रजाति की खोज की है। इसके चेहरे पर तीन स्पष्ट दांत हैं। इसी खास पहचान के आधार पर इसका वैज्ञानिक नाम होमोपोरस ट्राइडेंटाटा रखा गया है। यह खोज कश्मीर समेत हिमालयी क्षेत्रों में कीटों की विविधता और उनके पारिस्थितिक महत्व को समझने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

यह खोज कश्मीर विश्वविद्यालय और शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कश्मीर (एसकेयूएएसटी-के) के कीट वैज्ञानिकों के नेतृत्व में किए गए अंतरराष्ट्रीय शोध का हिस्सा है।

इसमें सऊदी अरब की किंग सऊद यूनिवर्सिटी और ताइफ यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने भी सहयोग किया। शोध के निष्कर्ष जर्नल ऑफ द कैन्सस एंटोमोलॉजिकल सोसाइटी में प्रकाशित हुए हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार, उत्तरी भारत के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में होमोपोरस वंश की यह पहली दर्ज उपस्थिति है।

इस नई प्रजाति की पहचान के लिए शोधकर्ताओं ने सितंबर 2014 से 2020 तक जम्मू-कश्मीर की विभिन्न घाटियों में कीट जैव विविधता का सर्वेक्षण किया। इस दौरान घास और अन्य वनस्पतियों के बीच उड़ने वाले कीटों को विशेष जाल की मदद से एकत्र किया गया। नई प्रजाति के प्रमुख नमूने कश्मीर विश्वविद्यालय परिसर से मिले।

इसके बाद एसकेयूएएसटी-के की प्रयोगशाला में इन नमूनों की बारीकी से जांच की गई। वैज्ञानिकों ने सूक्ष्मदर्शी, माप उपकरणों और तस्वीरों के विश्लेषण की मदद से कीट की शारीरिक बनावट का अध्ययन किया। इस दौरान कई ऐसी विशिष्ट विशेषताएं सामने आईं, जो पहले से ज्ञात इस वंश की प्रजातियों में दर्ज नहीं थीं। इन्हीं के आधार पर इसे एक नई प्रजाति के रूप में पहचाना गया।

चेहरे पर तीन दांत हैं सबसे खास पहचान

इस सूक्ष्म ततैया की सबसे प्रमुख विशेषता इसके चेहरे के निचले हिस्से में मौजूद ढाल जैसी संरचना है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में ''क्लाइपियस'' कहा जाता है। इस पर तीन स्पष्ट दांत हैं। बीच का दांत दोनों किनारों के दांतों से लंबा है। इसी खास बनावट के आधार पर इसका नाम ट्राइडेंटाटा रखा गया है।

शोध के अनुसार, नर ततैया की लंबाई लगभग 3.9 मिलीमीटर है। इसका सिर और वक्ष चमकीले धात्विक हरे रंग के हैं, जबकि आंखों और साधारण नेत्रों के आसपास तांबे-भूरे रंग की आभा दिखाई देती है।

इसके दोनों जबड़ों की बनावट भी अलग-अलग है। दाएं जबड़े में चार, जबकि बाएं जबड़े में तीन दांत हैं। इसके पंखों की एक प्रमुख शिरा भी असामान्य रूप से लंबी है। पेट का अगला आधा हिस्सा हल्के पीले-भूरे रंग का है, जबकि पिछला हिस्सा चमकीले धात्विक हरे रंग का दिखाई देता है। इन शारीरिक विशेषताओं ने इसकी पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

प्राकृतिक कीट नियंत्रण में हो सकती है उपयोगी

परजीवी ततैयों की कई प्रजातियां दूसरे कीटों के लार्वा और प्यूपा पर निर्भर रहती हैं। इनमें मक्खियां, पतंगे, भृंग और पित्त बनाने वाले कुछ कीट शामिल हैं। इनमें से कई कीट कृषि और वानिकी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस तरह की प्रजातियों का अध्ययन भविष्य में प्राकृतिक कीट नियंत्रण के संभावित उपाय विकसित करने में मदद कर सकता है। इससे रासायनिक कीटनाशकों के विकल्प तलाशने में भी उपयोगी जानकारी मिल सकती है।