जम्मू, सतनाम सिंह। सशस्त्र सेनाओं में शामिल होकर देश की सेवा करने का जज्बा रखने वाले जम्मू-कश्मीर के सैकड़ों युवा कोरोना के खिलाफ युद्ध में हिस्सा लेने के लिए कमर कस चुके हैं। बस उनको प्रशासन के इशारे का इंतजार है।

जम्मू-कश्मीर के अधिकतर कॉलेजों में एनसीसी विंग है। हर कॉलेजों में काफी संख्या में युवा एनसीसी की गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। एनसीसी के महानिदेशक की तरफ से आए पत्र के बाद जम्मू-कश्मीर में कैडेट्स का ब्योरा तैयार किया गया है। पत्र में कोरोना से उपजे हालात को मद्देनजर सीनियर कैडेट्स का ब्योरा मांगा गया है। इसमें यह स्पष्ट है कि स्वेच्छा से सेवा करने वाले का नाम ही सूची में डाला जाए। इसके लिए कैडेट और उसके अभिभावक से लिखित अनुमति लेनी जरूरी है। इसके लिए ट्रेनिंग, कपड़े, पहचान पत्र, इंश्योरेंस आदि की कार्ययोजना बनाई जाएगी।

महानिदेशक से पत्र के बाद जम्मू-कश्मीर में एनसीसी के प्रभारी कार्यालय ने सभी कॉलेजों से कैडेटों का ब्योरा मांगा जिसे कॉलेजों ने उपलब्ध करवा दिया है। अभी तक यह तय नहीं है कि एनसीसी कैडेटों की भूमिका क्या होगी। मौलाना आजाद मेमोरियल कॉलेज से सबसे अधिक साठ कैडेटों ने कोरोना जैसी चुनौती में सेवा देने के लिए अपनी इच्छा जाहिर की है। इनकी सूची कार्यालय को उपलब्ध करवा दी गई है। कॉलेज के सहायक एनसीसी अधिकारी डॉ. कर्ण सिंह भाऊ अपने समेत साठ कैडेटों की सूची मोबाइल नंबर सहित एनसीसी कार्यालय को भेजी है।

चुनौती में तैयार हैं हम : भाऊ का बेटा विश्वप्रताप सिंह जो सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज का पहले साल का विद्यार्थी है और एमएएम कॉलेज से एनसीसी का कैडेट है, वह भी इस चुनौती से निपटने में सरकार को सहयोग देने को तैयार है। जम्मू के साइंस कॉलेज, कॉमर्स कॉलेज, महिला कॉलेज गांधी नगर, परेड के अलाव संभाग के अन्य कॉलेजों में भी कैडेटों ने अपनी सहमति दे दी है।

कालेजों का स्टाफ भी देगा साथ: कोरोना वायरस से निपटने में प्रशासन को सहयोग देने के लिए कॉलेजों के टीचिंग, नान टीचिंग स्टाफ को तैयार होने के लिए कहा गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने प्रिंसिपलों से कहा है कि वे अपने कॉलेजों में टीचिंग, नान टीचिंग, अकादमिक प्रबंधन और लोकल फंड कर्मचारियों की पांच से पंद्रह सदस्यों की सूची तैयार करें। यह सदस्य सामुदायिक नेता और स्वयंसेवी के तौर पर काम करते हुए प्रशासन को सहयोग देंगे। टीम सदस्यों का ब्योरा जिला प्रशासन और नोडल ¨प्रसिपलों को दिया जाए। ब्योरे में नाम, पता, पद और मोबाइल नंबर दिया जाए। ग्रुप में एक सदस्य को ग्रुप लीडर बनाया जाएगा। ¨प्रसिपल कोऑर्डिनेटर होंगे। जिला प्रशासन के साथ ग्रुप की तैनाती, ट्रेनिंग पर समन्वय बनाया जाएगा।

कश्मीर विश्वविद्यालय के एनएसएस कोऑर्डिनेटर डॉ. मुसाविर अहमद और जम्मू विवि के एनएसएस कोऑर्डिनेटर डॉ. सत¨वद्र कुमार एनएसएस स्वयंसेवियों को सक्रिय करेंगे। लोगों की मदद के लिए एनएसएस के स्वयंसेवी आम विद्यार्थियों को जागरूक करेंगे। कश्मीर के नोडल प्रिंसिपल डॉ. यासमीन आशाई और जम्मू के नोडल ¨प्रसिपल डॉ. र¨वद्र टिक्कू कॉलेजों के डिवीजनल कोआर्डिनेटर होंगे। 

Posted By: Rahul Sharma

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