'मैं भी इसका हकदार था', 'मेरे साथ ही ऐसा क्यों होता है', उमर कैबिनेट में जगह नहीं मिली तो छलका नेकां नेताओं का दर्द
Jammu Kashmir Cabinet Resuffle: जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के मंत्रिमंडल में फेरबदल हुआ, जिसमें चार नए मंत्री शामिल किए ...और पढ़ें

उमर अब्दुल्ला के मंत्रिमंडल विस्तार से नेकां में नाराजगी। (फाइल फोटो)
HighLights
जम्मू-कश्मीर मंत्रिमंडल में चार नए मंत्री शामिल हुए।
मुबारक गुल ने 30वीं बार मंत्री पद न मिलने पर निराशा जताई।
अब्दुल मजीद लारवी ने भी मंत्री पद न मिलने पर दुख व्यक्त किया।
डिजिटल डेस्क, जम्मू। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में मंगलवार को फेरबदल हुआ। इसमें चार नेताओं अल्ताफ कालू, मीर सैफुल्लाह, शमीना फिरदौस और अली मोहम्मद सागर को जगह मिली। वहीं, मंत्री पद नहीं मिलने से नेकां के कुछ दूसरे नेताओं की नाराजगी भी सामने आई है।
सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के वरिष्ठ नेता और सात बार के विधायक मुबारक गुल ने कहा कि मैं बहुत दुखी हूं। मेरे साथ ही ऐसा क्यों होता है। मैं पहले भी ड्राप किया गया था, अब भी ड्राप हूं।
नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह से पहले गुल ने कहा कि उनका नाम एक बार फिर लिस्ट से गायब है। उन्होंने कहा, 'यह लगभग 30वीं बार है जब मैं मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो रहा हूँ, लेकिन दुर्भाग्य से, मुझे एक बार फिर बाहर रखा गया है।'
'मैं मंत्री पद का हकदार था'
नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक अब्दुल मजीद लारवी ने भी मंत्रिमंडल में जगह न मिलने पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि वे मंत्री पद के हकदार थे, लेकिन वे पार्टी नेतृत्व के फैसले को स्वीकार करेंगे।
अनंतनाग पश्चिम के विधायक ने कहा कि उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की उम्मीद थी। लारवी ने कहा, 'यह ईश्वर का फैसला था और फिर हमारी पार्टी के नेतृत्व का फैसला था। हमारे नेतृत्व ने इसे बेहतर समझा, हालांकि मैं मंत्री पद का हकदार था। मुझे उम्मीद थी कि मुझे भी इसमें शामिल किया जाएगा।'
विधायक ने कहा कि उन्होंने मंत्री पद के लिए चुने गए चार विधायकों को शामिल किए जाने को स्वीकार कर लिया है, लेकिन यह भी माना कि उन्हें शामिल न किए जाने से उन्हें दुख हुआ है।
अपनी निराशा के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, 'मुझे दुख इसलिए हुआ क्योंकि मैं वरिष्ठ था। दूसरी बात, मैं ईमानदार था। तीसरी बात, मैं वफादार था। चौथी बात, मैं समर्पित था। इसी वजह से मुझे दुख हुआ है। क्योंकि मैं भी एक इंसान हूँ।'
'मैं पार्टी का एक सिपाही हूँ'
मंत्रिमंडल में जगह न मिलने के बावजूद, लारवी ने कहा कि वे नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए काम करना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, 'मैं पार्टी का एक सिपाही हूँ। ईश्वर ने चाहा तो हम पार्टी के लिए काम करेंगे। ऐसी स्थितियां तो आती ही रहती हैं।'
इस विस्तार के साथ, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सरकार में मंत्रिपरिषद की संख्या बढ़कर नौ हो गई, जो कि इसकी अधिकतम अनुमत सीमा है। इस समारोह में अब्दुल्ला और अन्य राजनीतिक नेता शामिल हुए।
