कटड़ा, राकेश शर्मा। नवरात्र 17 अक्टूबर से शुरू हो रहे है इस दौरान आधार शिविर कटड़ा में आयोजित होने वाले नवरात्र महोत्सव को लेकर इस बार संशय है। सूत्रों की मानें तो इस बार सिर्फ औपचारिकता निभाई जा सकती है, क्योंकि महोत्सव को लेकर अभी तक किसी भी तरह की हलचल शुरू नहीं हुई है।

नवरात्र महोत्सव में अब मात्र 24 दिन रह गए हैं। महोत्सव को लेकर हर वर्ष करीब एक महीने पहले से बैठकों का दौर शुरू हो जाता था। लेकिन इस बार कुछ भी देखने को नहीं मिल रहा है। नवरात्र महोत्सव कमेटी की नोडल अधिकारी व जिला आयुक्त रियासी इंदु कंवल चिब ने माना कि शायद इस बार कोरोना महामारी के कारण नवरात्र महोत्सव में भव्यता देखने को न मिले।

नवरात्र महोत्सव मनाने को लेकर महोत्सव कमेटी के चेयरमैन व मंडलायुक्त जम्मू को पत्र लिखा गया है। जल्द ही बैठक कर इस महोत्सव के आयोजन पर निर्णय लिया जाएगा। नवरात्र महोत्सव के इतिहास में ऐसा दूसरी बार होगा जब आयोजकों द्वारा मात्र औपचारिकता निभाई जा सकती है। इससे पहले वर्ष 2014 में प्रदेश में बाढ़ जैसी स्थिति बनने पर आयोजकों ने औपचारिकता निभाते हुए कटड़ा हायर सेकेंडरी स्कूल परिसर में केवल भगवत कथा का आयोजन किया था।

1996 में शुरू हुआ था नवरात्र महोत्सव :

मां वैष्णो देवी की यात्रा में बढ़ोतरी के लिए वर्ष 1996 में नवरात्र महोत्सव की शुरुआत हुई थी। नवरात्र महोत्सव संयुक्त रूप से पर्यटन विभाग व श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा आयोजित किया जाता है।

ये होते हैं कार्यक्रम

नवरात्र महोत्सव में अखिल भारतीय भेंट प्रतियोगिता, हास्य व्यंग्य प्रतियोगिता, अंतरराष्ट्रीय दंगल, भव्य शोभायात्रा, प्रभात फेरी, कवि सम्मेलन, डुग्गर व कश्मीरी संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम होते हैं।

सह आयोजकों में असमंजस :

अखिल भारतीय भेंट प्रतियोगिता के प्रधान राकेश वजीर, अंतरराष्ट्रीय दंगल के प्रधान शिवकुमार शर्मा का कहना है कि महोत्सव को सफल बनाने के लिए करीब एक से डेढ़ माह पहले ही तैयारी शुरू हो जाती है, परंतु इस बार नवरात्र महोत्सव कमेटी की तरफ किसी भी तरह का संदेश उनको नहीं मिला है।

 कटड़ा में घोड़ा चालकों ने किया प्रदर्शन

 वैष्णो देवी मार्ग पर देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को घोड़ा, पिट्ठू व पालकी आदि की सेवा देने वाले मजदूरों ने भवन मार्ग पर एक बार फिर सेवा शुरू करने की मांग को लेकर कटड़ा में प्रदर्शन किया। कोरोना महामारी के चलते बीते 18 मार्च को वैष्णो देवी यात्रा स्थगित कर दी गई थी।

करीब पांच माह के बाद 16 अगस्त को एक बार फिर यात्रा शुरू की गई। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा हेलीकॉप्टर सेवा, बैटरी कार सेवा और पैसेंजर केवल कार सेवा बहाल कर दी गई है, परंतु अभी तक भवन मार्ग पर घोड़ा, पिट्ठू व पालकी की सेवा शुरू नहीं की गई है। घोड़ा चालक पवन कुमार, श्यामलाल, कालीदास, मोहन लाल, काका राम, बोधराज, अशोक सिंह, अशोक कुमार आदि ने कहा कि एक ओर जहां इन महत्वपूर्ण सेवाओं को बहाल न कर श्राइन बोर्ड प्रशासन श्रद्धालुओं को सेवा से वंचित कर रहा है, वहीं दूसरी ओर हजारों मजदूर निरंतर पिछले छह माह से बेरोजगार बैठे हैं। जिसके चलते परिवार के पोषण में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इन घोड़ा चालकों ने दो दिन पहले श्राइन बोर्ड प्रशासन को 72 घंटे की मोहलत दी थी कि सेवा को बहाल किया जाए, परंतु सेवा बहाल न होने पर बुधवार को बड़ी संख्या में स्थानीय घोड़ा चालकों ने नगर कटड़ा के भूमिका मंदिर मार्ग से अपना रोष मार्च शुरू किया, ताकि वे अपनी मांग मनवाने के लिए श्राइन बोर्ड प्रशासन के केंद्रीय कार्यालय का घेराव कर सकें और श्राइन बोर्ड के सीईओ से इस मामले पर बात कर सकें, परंतु जैसे ही इन घोड़ा चालकों का रोष मार्च कुछ आगे तक पहुंचा तो एकाएक पुलिस ने आकर उन्हें रोका और समझाया कि श्राइन बोर्ड प्रशासन के सीईओ के साथ उनके कुछ लोगों को जल्द ही मिलाया जाएगा, ताकि उनका मामला हल हो सके। इस आश्वासन के बाद घोड़ा चालकों ने अपना रोष मार्च समाप्त कर दिया। 

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