कटड़ा/जम्मू, जेएनएन। विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल सौंदर्य की प्रतीक माता वैष्णो देवी जी के आधार शिविर कटड़ा में पवित्र शारदीय नवरात्रों का आगाज़ हुआ, जिसका उद्घाटन राज्यपाल के सलाहकार केके शर्मा ने ढोल-नगाड़ों तथा भव्य शोभा यात्रा के बीच मां की पवित्र ज्योत प्रज्जवलित कर किया और इसके साथ ही नवरात्रा महोत्सव आरंभ हो गया। इससे नगर में आयोजित होने वाले 24वें नवरात्र महोत्सव का बिगुल बज उठा।

सलाहकार केके शर्मा ने कहा कि निसंदेह नवरात्रा महोत्सव के आयोजन से एक ओर जहां राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तो वहीं वैष्णो देवी यात्रा में बढ़ोतरी होगी जिससे नगर कटड़ा के साथ ही राज्य की अर्थिक स्थिति मजबूत होगी तो वहीं राज्य की शांति का संदेश देशभर में जाएगा। आधार शिविर कटड़ा में विश्वभर से सालाना लाखों श्रद्धालु मां वैष्णो देवी के दर्शनो के लिए निरंतर आते हैं। कटड़ा के समृद्ध विकास के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी, जिसको लेकर कटड़ा को विकास के लिए 6 करोड़ रुपये नगरपालिका को देने के साथ ही पवित्र नदी बाणगंगा को पूरी तरह से स्वच्छ बनाने के लिए करीब 98 करोड़ रुपये की परियोजना को लेकर डीपीआर तैयार कर ली गई है।

इसके उपरांत नगर के जम्मू मार्ग से देश की समृद्ध सांस्कृति तथा धार्मिक झांकियां निकाली गई। इस मौके पर डिवकॉम जम्मू व नवरात्र महोत्सव कमेटी के चैयरमेन संजीव वर्मा, जिला आयुक्त रियासी इंदु कंवल चिब, नगरपालिका अध्यक्ष विमल इंदु, डिप्टी सीईओ श्राइन बोर्ड डॉ. अरविंद किरवानी, एस.एस.पी. रियासी रश्मि वजीर, पर्यटन निर्देशक दीपिका कुमारी शर्मा सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिक भी मौजूद थे।

माता वैष्णो देवी जी के भवन पर नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ का हुआ आगाज

पवित्र शारदीय नवरात्रों के उपलक्ष्य में मां वैष्णो देवी जी के भवन पर सरस्वती भवन में शतचंडी महायज्ञ मंत्रोच्चारण के बीच रविवार को आरंभ हो गया। इसमें काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

माता के मंदिरों में दर्शनों के साथ की नवरात्र की शुरूआत

आदिशक्ति मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्र रविवार को प्रारंभ हुआ। मार्कण्डेय पुराण में शक्ति, दुर्गा के नौ रुपों की चर्चा की गई है और नवरात्र में इनकी पूजा के विशेष फल बताए गए हैं। धार्मिक आस्था के साथ मनाया जाने वाला यह पर्व कलश स्थापना के साथ शुरू हुआ। नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं ने मां भगवती के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। शुभ मुहूर्त में पूजा घरों में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कलश और मां की साख स्थापित की गई।

मां के दर्शनों के साथ दिन की शुरूआत करने की इच्छा रखने वाले श्रद्धालु सुबह तड़के ही बावे वाली माता मंदिर, कौल कंडोली, चीची माता मंदिर, माहामाया मंदिर और अपने घर के आसपास बने माता के मंदिरों में परिवार सहित पहुंचे। बावे वाली माता के मंदिर के कपाट खुलने से पहले ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई थी। मां के दर्शन पाने को आतुर श्रद्धालु जय माता दी के जयघोष लगा रहे थे। श्रद्धालुओं के उत्साह और श्रद्धा से पूरा शहर मां भगवती के रंग में रंग गया। जम्मू में मां काली के मुख्य मंदिर बावे वाली माता मंदिर को फूलों से विशेष रूप से सजाया गया है। लोगों ने अपने घरों पर साख स्थापित कर नवरात्रों के व्रत शुरू किये। जो नौ दिनों तक चलेंगे।

पक्का डंगा स्थित महालक्ष्मी मंदिर में स्थित चंडी माता के मंदिर में भी दर्शनों के लिये सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। वहीं माता वैष्णो देवी के पहले दर्शन कौल कंडोली में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शनों, पूजन अर्चना तथा आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पहुंच रहे हैं। सर्कुलर रोड स्थित चिंतपूर्णी मंदिर में भी श्रद्धालु माता के दर्शनों के लिए पहुंचे। शहर में माता के दूसरे मंदिरों में भी खूब उत्साह रहा।

महालक्ष्मी मंदिर में हई अखंड ज्योति की स्थापना महालक्ष्मी मंदिर पक्का डंगा में भी विधिवत पूजा-अर्चना के साथ अखंड ज्योति स्थापित की गई। उसी के साथ श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में बैठ भजन-कीर्तन करना शुरू कर दिया। यह सिलसिला रोजाना सुबह व शाम के समय जारी रहेगा। शारदीय नवरात्र में आदिशक्ति मां दुर्गा अपने भक्तों के घर बिराजती हैं। वेदों में भी दुर्गा पूजन के महत्व का वर्णन किया गया है। समस्त देवी-देवताओं का दुर्गा में अभिष्ठान होता है। दुर्गा का पूजन करने मात्र से सभी देवताओं की आराधना का फल मिल जाता है। माता के भक्तों ने घरों में विशेष पूजा अर्चना की तैयारियां कर ली हैं। लगभग हर मौहल्ले में जागरण के आयोजन भी किये जाने हैं।

Posted By: Rahul Sharma

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