श्रीनगर, राज्य ब्यूराे। जम्मू-कश्मीर में अपने सियासी वजूद को बचाने में जुटी नेशनल कांफ्रेेस में अब जिला और ब्लाक स्तर पर भी बगावत तेज हो गई है। गांदरबल में नेशनल कांफ्रेेस के तीन वरिष्ठ नेताओे ने संगठन से इस्तीफा दे दिया है। ये तीनों ही जिला विकास परिषद गांदरबल के सदस्य है। आपको बता दें कि कि नेशनल कांफ्रेंस ने एक बार फिर अपने आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने के लिए ब्लाक और जिला स्तरीय इकाइयों के पदाधिकारियों के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर रखी है।

गांदरबल में भी ब्लाक इकाई के चुनाव कराए गए और विवाद पैदा हो गया। पार्टी के कई नेताओं व कार्यकर्ताओें ने इन चुनावों को धोखाधड़ी करार देते हुए आरोप लगाया कि पैराशूट नेताओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। विपरीत परिस्थितियों में भी नेशनल कांफ्रेंस का झंडा थामे रखने वाले नेताओं को दरकिनार कर दिया गया। गांदरबल के तीन वरिष्ठ नेकां नेताओं जाहिदा हमीद, मोहम्मद अशरफ और मोहम्मद युसूफ ने नाराज होकर पार्टी छोड़ दी है। उन्होंने अपने इस्तीफे पार्टी महासचिव और अध्यक्ष को भेज दिए हैं।

तीनों नाराज नेताओं ने आरोप लगाया कि ब्लाक इकाई के चुनाव में उन्हेें शामिल नहीं किया गया। उन्हें डेलीगेट नहीं बनाया गया जबकि वे बरसों से नेकां के प्राथमिक सदस्य हैं। जिन लोगों को पार्टी ने डेलीगेट बनाया उन्होंने अपने चहेतों को ही ब्लाक इकाई में पदाधिकारी बनवाया है। ये वे लोग हैं, जो हाल फिलहाल में दूसरे दलों से पार्टी में आए हैं।

मोहम्मद अशरफ ने दैनिक जागरण से बात करते हुए कहा कि नेशनल कांफ्रेंस में कुछ नेता नहीं चाहते कि उनका वर्चस्व समाप्त हो। इसलिए वे पार्टी के वफादारों को दरकिनार कर रहे हैं। ऐसा करके उन्हेें बेइज्जत कर रहे हैं। उन्होंने जिला प्रधान शेख इश्फाक जब्बार का नाम लिए बगैर कहा कि नेशनल कांफ्रेंस अब अवाम की नहीं बल्कि कुछ खास खानदानों का सियासी दुकान बन रही है, जो हमेें मंजूर नहीं है। इसलिए हमनें इस्तीफा दिया है।

इस संदर्भ में जब पार्टी महासचिव अली मोहम्मद सागर और प्रांतीय प्रधान नासिर असलम वानी से संपर्क किया गया तो उन्होने कहा कि संगठनात्मक चुनाव के समय कई लोग नाराज हो जाते हैं, लेकिन हमारे पास किसी का इस्तीफा नहीं पहुंचा है। पदाधिकारियों का चयन पूरी पारदर्शिता के साथ हो रहा है। अगर कोई शिकायत है तो उसकी जांच की जाएगी। 

Edited By: Rahul Sharma