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नाग पंचमी पर क्यों होती है नाग देवता की पूजा? भगवान शिव से जुड़ा रहस्य, जम्मू के पंडित ने बताई खास मान्यता

Published: Tue, 15 Sep 2026 11:33 AM (IST)

विजयपुर और सीमांत क्षेत्रों में नाग पंचमी का पर्व आज श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। पंडित अश्वनी शर्मा ...और पढ़ें

नाग पंचमीं का पर्व नागों की पूजा व कृपा दृष्टि बनी रहने की आस्था से जुड़ा।

नाग पंचमीं का पर्व नागों की पूजा व कृपा दृष्टि बनी रहने की आस्था से जुड़ा।

HighLights

  1. नाग पंचमी पर्व आज श्रद्धा और उल्लास से मनाया जाएगा।

  2. विजयपुर के नाग देवस्थानों पर भव्य पूजा-अर्चना होगी।

  3. नाग देवता को दूध, खीर चढ़ाकर भंडारे लगेंगे।

जागरण संवाददाता, विजयपुर। नाग देवता की पूजा-अर्चना व उनकी कृपा दृष्टि बनी रहने के उदेश्य से मनाए जाने वाले नाग पंचमीं पर्व को आज मंगलवार को श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया जाएगा। उपजिला विजयपुर के कंड़ी व सीमंात क्षेत्रों में स्थित नाग देवस्थान प्रबंधन द्वारा इस पर्व को मनाने में उत्साह नजर आ रहा है।

वहीं नाग देवस्थानों की भव्य सजावट व नाग देवताऔं की प्रतिमाएं व आकृतियां भी सजाई गई हैं।

क्षेत्र के गांव नथवाल, संगवाल, रजिंद्रपुरा, राय, सुचानी, पेखड़ी, रांजड़ी, पाटी, स्वांखा, कलाह, राड़ा, घौ-रकवालां, दग, नंदपुर, नंगा, विजयपुर, केसो, भंबोचक, रामगढ़, करालियां, कैरांवाली अन्य गावों में स्थित नाग देवस्थानों पर आज नाग देवताऔं की भव्य पूजा-अर्चना की जाएगी। साथ ही दूध, खीर, कच्ची छाछ आदि के चढ़ावे चढ़ाकर नाग देवताऔं को भोग लगाया जाएगा।

नाग पंचमी पर क्यों होती है नाग देवता की पूजा?

इस शुभ अवसर पर जगह-जगह भंड़ारे लगाए जाएंगें और संगत की सेवा का पुण्य भी कमाया जाएगा। इस पर्व की अहमियत का ज्ञान देते हुए पंड़ित अश्वनी शर्मा ने कहा कि नाग पंचमीं का पर्व नागों की पूजा व उनकी कृपा दृष्टि बनी रहने की आस्था से जुड़ा हुआ है।

नाग देवता की पूजा से दूर होते हैं कष्ट

इस दिन भगवान शिव धरती के उन सभी जहरीले जीवों, जिनमें सांप, बिचछु अन्य को अपनी गठरी में समेट लेते हैं और धरती के प्राणियों को उनके दंश से सुरक्षित रखते हैं। इस दिन नाग देवता की विशेष पूजा करने से भगवान शिव का आशीर्वाद बना रहता है और शारीरिक कष्टों व अन्य से छुटकारा मिलता है।

इसी अहमियत को मानते हुए नाग देवस्थानों पर इस पर्व पर भव्य धार्मिक कार्यक्रंम आयोजित किए जाते हैं और नाग देवता की पूजा-अर्चना की जाती है।