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दो पशुओं की मौत, अब और बीमार, जम्मू के सीमांत गांव में रहस्यमयी बीमारी का खतरा! किसानों में दहशत

Published: Wed, 09 Sep 2026 07:00 AM (IST)

जम्मू के सीमांत गांव चंदू चक में रहस्यमयी बीमारी से दो दुधारू पशुओं की मौत हो चुकी है और कई अन्य बीमार पड़ रहे हैं, जिससे किसानों में दहशत है।

जम्मू के सीमांत गांव में रहस्यमयी पशु रोग का कहर। (फाइल फोटो)

जम्मू के सीमांत गांव में रहस्यमयी पशु रोग का कहर (फाइल फोटो)

HighLights

  1. चंदू चक में रहस्यमयी बीमारी से दो दुधारू पशुओं की मौत।

  2. विभाग की निष्क्रियता से अन्य पशु भी बीमार, किसानों में दहशत।

  3. किसान तत्काल जांच और उपचार के लिए टीमों की मांग कर रहे।

जागरण संवाददाता, आरएसपुरा। सीमांत गांव चंदू चक में रहस्यमयी बीमारी से दो किसानों के दो दुधारू पशुओं की मौत के बाद भी संबंधित विभाग और प्रशासन की नींद नहीं खुली है। दस दिन के भीतर दो पशुओं की मौत के बावजूद अभी तक गांव में पशुपालन विभाग की कोई विशेष टीम जांच के लिए नहीं पहुंची है। इसके बीच अब गांव के कुछ और किसानों के पशु भी बीमार पड़ने लगे हैं, जिससे किसानों में दहशत बढ़ती जा रही है।

हालात यह हैं कि बीमारी धीरे-धीरे अपना दायरा बढ़ाती नजर आ रही है, लेकिन विभाग अभी तक सैंपल की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहा है। इतना ही नहीं, साथ लगते सीमांत गांव बैगा में भी एक किसान का पशु बीमार होने की सूचना सामने आई है।

किसानों का कहना है कि अगर अब भी विभाग और प्रशासन नहीं जागा तो स्थिति गंभीर हो सकती है। चंदू चक में करीब दस दिन पहले किसान नीरज कुमार पुत्र कस्तूरी लाल की गाय की संदिग्ध बीमारी के चलते मौत हुई थी। इसकी सूचना संबंधित पशुपालन विभाग को दी गई थी।

विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर मृत पशु का सैंपल लिया और उसे जांच के लिए चंडीगढ़ भेजा था। किसानों को उम्मीद थी कि इसके बाद विभाग गांव में अन्य पशुओं की जांच करेगा और बीमारी को फैलने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।

इसके बाद रविवार को किसान बंशीलाल पुत्र पलाराम के एक और दुधारू पशु की इसी तरह संदिग्ध बीमारी से मौत हो गई। दो पशुओं की मौत के बावजूद अभी तक गांव में विभाग की कोई विशेष टीम नहीं पहुंची है। अब कुछ अन्य किसानों के पशु भी बीमार पड़ने लगे हैं, जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही है।

एक के बाद एक पशु बीमार, फिर भी विभाग की कार्रवाई का इंतजार

किसानों का कहना है कि जब पहले पशु की मौत हुई थी, उसी समय विभाग को मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे गांव के पशुओं की जांच करनी चाहिए थी। मगर सैंपल लेने के बाद विभाग की ओर से गांव में कोई व्यापक जांच अभियान नहीं चलाया गया।

अब दूसरे पशु की मौत और अन्य पशुओं के बीमार होने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। किसानों का कहना है कि उन्हें यह तक स्पष्ट नहीं किया गया है कि मृत पशुओं में कौन सी बीमारी होने की आशंका है और बाकी पशुओं को इससे कैसे बचाया जाए। अगर बीमारी संक्रामक है तो विभाग की यह देरी आने वाले समय में किसानों के लिए भारी नुकसान का कारण बन सकती है।

बेगा में भी बीमार हुआ पशु, बढ़ी चिंता

चंदू चक से सटे सीमांत गांव बेगा में भी एक किसान का पशु बीमारी की चपेट में आने की सूचना है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बेगा में बीमार पशु और चंदू चक में पशुओं की मौत का कारण एक ही बीमारी है या नहीं, लेकिन सीमांत पट्टी में सामने आ रहे इन मामलों ने किसानों की चिंता जरूर बढ़ा दी है।

किसानों का कहना है कि प्रशासन को किसी बड़ी घटना का इंतजार करने के बजाय अभी से सक्रिय होना चाहिए। प्रभावित गांवों में पशु चिकित्सा टीमों को भेजकर प्रत्येक पशु की जांच की जाए और बीमार पशुओं को तत्काल उपचार उपलब्ध करवाया जाए।

2023 जैसे हालात दोहराए जाने का डर

सीमांत किसानों ने वर्ष 2023 में क्षेत्र में पशुओं में फैली बीमारी का भी हवाला दिया। किसानों के अनुसार उस समय बड़ी संख्या में पशु बीमारी की चपेट में आए थे। किसानों को डर है कि अगर मौजूदा बीमारी की पहचान और रोकथाम के लिए समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो उसी तरह के हालात दोबारा पैदा हो सकते हैं।

किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि पशुपालन विभाग की टीमें तत्काल चंदू चक और आसपास के सीमांत गांवों में भेजी जाएं। बीमार पशुओं के सैंपल लेकर जांच करवाई जाए और किसानों को बीमारी से बचाव के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं।

किसान सुरजीत सिंह, नीरज कुमार सहित अन्य किसानों ने कहा कि दो पशुओं की मौत हो चुकी है और अब दूसरे पशु बीमार पड़ रहे हैं, फिर भी अगर विभाग और प्रशासन नहीं जागता है तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

किसानों ने कहा कि यदि बीमारी के कारण और पशुओं की मौत होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी। उन्होंने मांग की कि किसानों के पशुधन को बचाने के लिए तत्काल प्रभाव से फील्ड में टीमें उतारी जाएं।