जागरण संवाददाता, जम्मू : शहर के गुज्जर नगर में रविवार को एक व्यक्ति ने पत्नी की गला रेत कर हत्या कर दी। वारदात के बाद पति मौके से भाग निकला लेकिन खुद पर पुलिस का शिकंजा कसते देख देर शाम को नवाबाद थाने में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जीएमसी अस्पताल पहुंचाया। सोमवार को पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों के हवाले करेगी। मृत महिला की पहचान 45 वर्षीय इकबाला बेगम पत्नी याकूब शाह निवासी केशवान, किश्तवाड़ के रूप में हुई है। वह मौजूदा समय में पति और बेटे के साथ गुज्जर नगर में रह रही थी। महिला का पति बाजार कसाबा स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।

महिला की हत्या का पता रविवार दोपहर को उस समय चला जब उसका बेटा घर पहुंचा। बेटे ने देखा कि मां का शव पलंग पर खून से लथपथ पड़ा है। उसके पिता भी गायब थे। उसने पड़ोसियों को इकट्ठा किया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पीर मिट्ठा पुलिस पहुंची। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि दंपती में अक्सर विवाद होता है। महिला की उसके पति ने कई बार पिटाई भी की। दोनों में मारपीट के करीब आधा दर्जन मामले दर्ज भी हैं। पूछताछ में यह भी पता चला कि आरोपित याकूब रविवार दिन में ग्यारह बजे तक घर में देखा गया था। उसके बाद से गायब है। पुलिस ने तलाश शुरू की तो खुद पर शिकंजा कसते देख उसने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

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आरोपित निशानेदही पर चाकू बरामद

पुलिस ने आरोपित की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू उसी कमरे से बरामद किया, जहां महिला का शव पड़ा था। पहले पुलिस को चाकू नहीं मिला था। आत्मसमर्पण बाद उसने बताया कि चाकू को दरवाजे के पीछे फेंका था। पुलिस ने चाकू को कब्जे में लेकर उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया।

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तकिए से मुंह दबा कर रेता गला

महिला की हत्या सुनियोजित तरीके अंजाम दी गई। पत्नी का गला रेतने से पहले आरोपित ने तकिए से उसका मुंह दबा दिया ताकि चीखें न निकलें। तकिए से मुंह दबाने के साथ उसने गला रेत हत्या कर दी। जब उसे यकीन हो गया कि पत्नी मर चुकी है तो वह घर से निकल गया ताकि उस पर किसी को शक न हो।

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हत्या के लिए बदला था मकान

महिला अपने पति व बेटे के साथ पहले गुज्जर नगर में किसी दूसरे मकान में किराये पर रहती थी। चार दिन पहले ही वे इस मकान में पहुंचे थे। गुज्जर नगर जोगीगेट इलाके में यह मकान संकरी गली में है जहां जाने के लिए काफी सीढि़यां चढ़नी पड़ती हैं। महिला के पिता मोहम्मद यूसुफ खान का आरोप है कि उसके दामाद ने बेटी की हत्या के लिए इस मकान को चुना। पहले वे जिस घर में रहते थे वहां कुछ अन्य परिवार भी रहते हैं। वहां वह हत्या की वारदात को अंजाम नहीं दे सकता था। इस कारण उसने इस मकान को चुना। चार दिन पहले वे इस मकान में आए थे और उनकी बेटी की हत्या कर दी गई। जिस मकान में महिला की हत्या हुई है वह उसके बेटे के दोस्त का था।

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बेटी का ऑपरेशन करवाने आया था पिता

मृत महिला इकबाला बेगम का पिता मोहम्मद यूसुफ खान रविवार को ही किश्तवाड़ के केशवान से अपनी बेटी का पथरी का ऑपरेशन करवाने आए थे। यहां पहुंचने पर बेटी का शव मिला। मोहम्मद यूसुफ ने बताया कि उनकी बेटी को सोमवार को ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती करवाना था। वह बेटी के पास इसीलिए आए थे लेकिन उन्हें यहां बेटी का शव देखने को मिला। मोहम्मद यूसुफ ने बताया कि उनकी बेटी की शादी पच्चीस साल पहले याकूब के साथ हुई थी। वह तब से मारपीट करता आ रहा है। कई बार पुलिस में भी मामला पहुंचा लेकिन हर बार दोनों में सुलह करवा दी जाती थी।

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एक बेटा दिल्ली में पढ़ता है

मृत महिला दो बेटों की मां थी। एक बेटा दिल्ली में पढ़ाई करता है। उसे भी इस मामले की जानकारी दे गई है। वह सोमवार सुबह जम्मू पहुंचेगा। इस हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

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चार घंटे बाद पहुंची फोरेंसिक टीम

महिला की हत्या की जानकारी पुलिस ने फोरेंसिक टीम को चार बजे के करीब दे दी थी लेकिन चंद दूरी से टीम को वहां पहुंचने के लिए चार घंटे का समय लग गया। महिला का शव मौके पर जस का तस पड़ा रहा। इस दौरान पुलिस के साथ कई लोग भी बार-बार उस कमरे में घुसते रहे जहां से फोरेंसिक को सबूत एकत्रित करने थे। चार घंटे बाद जब फोरेंसिक टीम पहुंची तो उनके साथ वीडियोग्राफर भी नहीं था। फोरेंसिक टीम अपना काम खत्म कर चुकी थी और उसके बाद ही टीम का वीडियोग्राफर पहुंचा।

Posted By: Jagran

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