राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : दक्षिण कश्मीर के पुलवामा के संबूरा में सब इंस्पेक्टर फारूक अहमद मीर की हत्या की साजिश की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। वारदात को अंजाम देने वाला आतंकी माजिद नजीर पहले ही मारा जा चुका है और शनिवार को साजिश में शामिल उसके तीन सहयोगी गिरफ्तार कर लिए गए। तीनों आरोपित बलिदानी सब इंस्पेक्टर के पड़ोसी हैं और इनमें एक उसका भतीजा (चचेरे भाई का बेटा) है।

जम्मू कश्मीर पुलिस में सब इंस्पेक्टर फारूक अहमद मीर की 17 जून की रात आतंकियों ने उसके खेत में गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसका शव 18 जून शनिवार की सुबह मिला था। हत्या को अंजाम देने वाले आतंकी माजिद नजीर वानी को सुरक्षाबलों ने 21 जून को पुलवामा में ढेर कर दिया था। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और कुछ संदिग्ध तत्वों से पूछताछ की। इसके आधार पर अरसलान बशीर उर्फ फैसल, तौकीर मंजूर और उवैस मुश्ताक को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान इन तीनों ने कबूला कि वे आतंकी माजिद नजीर वानी के साथ लगातार संपर्क में थे और उसके लिए काम करते थे। सब इंस्पेक्टर फारूक अहमद मीर की हत्या की साजिश उन्होंने माजिद के साथ मिलकर रची थी।

फारूक जब अवकाश पर घर आया तो उन्होंने ही आतंकी माजिद नजीर वानी को खबर की थी। तीनों के पास से एक पिस्तौल व अन्य सामान भी जब्त किया है। संबंधित पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह तीनों ही बलिदानी सब इंस्पेक्टर के पड़ोसी हैं। एक आरोपित तौकीर मंजूर फारूक का रिश्ते में भतीजा भी है।

Edited By: Vikas Abrol