जम्मू, सुरेंद्र सिंह। जम्मू के विजयपुर के छोटे से गांव घौ ब्राह्मणा से निकलकर बॉलीवुड तक का सफर तय करने वाले मुकेश चौधरी पर अब उनके इलाके के लोग गर्व करते हैं। मुकेश अब उन पलों को याद करते हैं जब उन्होंने अभिनय के क्षेत्र में नाम कमाने का फैसला लिया था और मुंबई के लिए निकले थे। उस समय मुकेश के इस फैसले पर सबने उसका मजाक उड़ाया था। लेकिन थोड़े ही समय में मुकेश को यह. आशिकी फिल्म में अमरीश पुरी के पोते वरदान पुरी के साथ काम करने का मौका मिल गया। वरदान की भी यह पहली फिल्म थी और मुकेश उसके दोस्त बने थे। दो वर्ष के भीतर ही मुकेश ने खुद को बॉलीवुड में इतना बेहतर स्थापित कर लिया है कि अब वह स्ट्रगल कर रहे दूसरे युवाओं को काम दिलवाने लगे हैं। मुकेश कहते हैं कि कभी सपने देखना बंद मत करना। सपने देखो और उन्हें पूरा करने की हिम्मत भी रखो। हिम्मत व लगन के साथ काम करने से निश्चित रूप से सफलता मिलेगी।

बचपन से अभिनय प्रेम

मुकेश कहते हैं कि उन्हें बचपन से ही अभिनय का शौक था। वह विजयपुर के अजंता हायर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ते थे और वहां से बारहवीं पास करने के बाद वह एमएएम कॉलेज जम्मू में ग्रेजुएशन करने पहुंचे। कॉलेज के दिनों में उन्होंने थियेटर शुरू कर दिया। आदित्य भानु के निर्देशन में पहले नाटक कारगिल में अभिनय किया। इसके अलावा चित्र नाटक में काम किया। नुक्कड़ नाटक भी किए जिससे आत्मविश्वास बढ़ा। ग्रेजुएशन करने के बाद दिल्ली में कास्टिंग एजेंसी डीएम स्टार्स इंडिया में काम करने लगे जहां लाइट और कैमरा की समझ हुई। इस कंपनी के मालिक दीपक मेहरोत्र ने काफी मदद की और उनकी प्रेरणा से ऑडीशन पास कर फिल्म यह. आशिकी में काम हासिल कर पाया। इससे पहले कई बार ऑडीशन में फेल भी हुए लेकिन हिम्मत नहीं हारी। संघर्ष करते रहे और सफलता मिलती गई।

किसान का बेटा सिर्फ किसान नहीं बनेगा

मुकेश ने उन लोगों की सोच पर भी विराम लगा दिया जो उन्हें कहते थे कि किसान का बेटा सिर्फ किसान ही बनेगा। जब मुकेश ने बॉलीवुड में जाने का फैसला किया तो लोगों ने मजाक उड़ाया। मुकेश कहते हैं कि उन्होंने यह नहीं सोचा कि कोई उनके बारे में क्या सोचता है। मेरा परिवार मेरे साथ था। उन्हें उन पर पर विश्वास था और इस विश्वास को बनाए रखना था। बस इसी गठजोड़ को लेकर घर से निकला था। सफलता हासिल करने के लिए लक्ष्य केंद्रित था। मेहनत से कभी दिल नहीं चुराया। यहां पैसे देकर काम नहीं मिलता। खुद को साबित करना पड़ता है। नीरज पांडे और अली अब्बास जैसे निर्देशकों के साथ वेव सीरिज ब्रीथ सीजन-टू और स्पेशल ओप्स में भी काम किया। तीसरी वेव सीरिज भी आने वाली है। इसके अलावा भी कई सीरियल्स की तयारी में लगे हुए हैं। मुकेश कहते हैं कि खुद पर भरोसा हो तो मंजिल मिल ही जाती है। बस रुकना नहीं है।

यह मुकाम पाने के लिए करनी पड़ी स्ट्रगल

मुकेश ने खुद स्ट्रगल देखी है और वह अब उन युवाओं की मदद भी कर रहे हैं जो स्ट्रगलर हैं। मुकेश बतौर कास्टिंग एसोसिएट भी काम कर रहे हैं। अब तक वह कई युवाओं को सीरियल्स, विज्ञापनों आदि में काम दिलवा चुके हैं। मुकेश का कहना है कि उन्हें शुरू में कोई मदद नहीं मिली थी। वह जानते हैं कि बिना जानकारी और मदद के कितनी परेशानी होती है। वह अपने फेसबुक पेज पर काङ्क्षस्टग संबंधी जानकारियां अपडेट करते रहते हैं। लोग उन्हें अपने फोटो व बायोडाटा भेजते हैं और वह आगे उन्हें ऑडीशन के लिए भेज देते हैं। कई लोग उनके माध्यम से काम हासिल कर चुके हैं। उन्हें खुशी होती है जब उनके माध्यम से किसी को काम मिलता है। नए कलाकार अपनी जगह बना रहे हैं। मुकेश का कहना है कि अभिनय के क्षेत्र में प्रतिभा ही एकमात्र मंत्र है जो सफलता की ओर ले जाती है। युवा तैयारी के साथ इस क्षेत्र में आएं तो सफलता जरूर मिलेगी।

Posted By: Rahul Sharma

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस