जम्मू, राज्य ब्यूरो। जम्मू-कश्मीर में तीस से अधिक डिग्री कॉलेजों में प्रिंसिपल नहीं हैं। अधिकतर नए कॉलेज जो 2019-20 के सत्र में खोले गए उनमें प्रिंसिपलों के पद ही सृजित नहीं किए गए हैं। पहले से स्थापित कुछ कॉलेजों में वरिष्ठ प्रोफेसरों को कार्यवाहक प्रिंसिपल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उच्च शिक्षा विभाग की तरफ से इस अकादमिक सत्र से पचास नए कॉलेज खोले गए थे। इनमें अधिकतर में प्रिंसिपलों के पद सृजित नहीं हो पाए हैं। इससे कामकाज को सुचारु करने में परेशानी आ रही है। साथ ही कार्यवाहक प्रिंसिपल कोई नीतिगत फैसला नहीं ले पा रहे हैं।

इस सत्र से खोले गए कॉलेजों के लिए अगले सत्र से प्री-फेब्रीकेटेड ढांचा खड़ा करने के प्रयास होंगे। समस्या प्रिंसिपल की नियुक्त की है। शहर में एमएएम कॉलेज व महिला कॉलेज परेड में भी स्थायी प्रिंसिपल नहीं हैं। डिग्री कॉलेजों में अकादमिक प्रबंधन पर लगाए गए लेक्चर आंदोलनरत हैं। अकादमिक प्रबंधन पर लगाए गए लेक्चर्स को पीरियड के हिसाब से पैसे दिए जा रहे हैं। पिछले साल तक लेक्चर्स को मासिक वेतन दिया जाता था।

लीप कार्यक्रम के लिए दो प्रोफेसर चयनित

जम्मू विश्वविद्यालय के दो प्रोफेसरों को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रलय के लीडरशिप ऑफ एकेडिमशियन प्रोग्राम (लीप) के लिए चयनित किया गया है। इनमें बाटनी विभाग के पूर्व अध्यक्ष और प्रोवोस्ट प्रो. यशपाल शर्मा और होम साइंस की पूर्व अध्यक्ष प्रो. नीरू शर्मा शामिल है। लीप के तहत प्रो. यशपाल तीन सप्ताह के कार्यक्रम में भाग लेंगे। वह इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजूकेशन एंड रिसर्च कोलकाता में 13 से 24 जनवरी तक और नायांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी सिंगापुर में 10 से 14 फरवरी तक भाग लेंगे। नीरू शर्मा टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस में 17 से 21 जनवरी और यूनिवर्सिटी आफ पेसिंलऐनिया में 17 से 21 फरवरी तक कार्यक्रमों में भाग लेंगी। वीसी प्रो. मनोज धर ने लीप के लिए चुने जाने पर प्रोफेसरों को मुबारक बाद दी है।

फर्जी स्लिपों से फीस घोटाले की जांच का दायरा बढ़ा

जम्मू विवि के परीक्षा विभाग में फर्जी स्लिपों से फीस का घोटाला होने के मामले में जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। विवि प्रबंधन को इस बात का संदेह हुआ है कि परीक्षा विभाग की एक सेक्शन में नहीं बल्कि अंडर ग्रेजुएट की अन्य सेक्शनों में भी हेराफेरी हुई हो सकती है। इसलिए जांच अब पूरे परीक्षा विभाग की हो रही है। इस पूरे प्रकरण ने विश्वविद्यालय के ऑडिट सिस्टम पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। जांच के लिए बनाई गई कमेटी ने अभी तक रिपोर्ट नहीं सौंपी है। इसमें पांच छह कर्मचारी नहीं बल्कि अधिक कर्मचारियों के लिप्त होने की संभावना जताई जा रही है। विश्वविद्यालय अन्य सेक्शनों की जांच के लिए एक अन्य कमेटी बना रहा है। विवि प्रबंधन में सबसे बड़ी खामी उसका ऑडिट सिस्टम ही रहा है। फार्मो, फीस, स्लिपों का सही तरीके से मिलन बैंक खाते से करवाया जाता तो इस तरह की गड़बड़ी से बचा जा सकता था।

जम्मू विवि में सर्दियों की छुट्टियां

जम्मू विश्वविद्यालय में सर्दियों की छुट्टियां 26 दिसंबर से लेकर तीन जनवरी 2020 तक होंगी। पच्चीस दिसंबर को क्रिसमस दिवस का अवकाश है। इसलिए विद्यार्थियों को दस दिन के अवकाश का फायदा होगा। विवि में सर्दियों की छुट्टियों के दौरान प्रशासनिक कामकाज होता रहेगा। जम्मू विवि के अलावा जम्मू संभाग के समर जोन में डिग्री कॉलेजों में सर्दियों की छुट्टियां एक जनवरी से लेकर 10 जनवरी तक डाली जाएंगी।

Posted By: Rahul Sharma

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