जम्मू-कश्मीर पर बादल मेहरबान, जुलाई में जमकर बरसे, सामान्य से 35% ज्यादा बारिश; बारामूला में आंकड़ा 165% पार
आठ महीने के सूखे के बाद जम्मू-कश्मीर में जुलाई में 35 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। इस व्यापक ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में आठ महीने बाद लौटा बारिश का दौर। (फाइल फोटो)
HighLights
जुलाई में जम्मू-कश्मीर में 35% अधिक बारिश दर्ज।
आठ महीने से चले आ रहे सूखे का दौर समाप्त।
बारामुला में सामान्य से 165% अधिक वर्षा हुई।
जागरण संवाददाता, जम्मू। लंबे इंतजार के बाद जम्मू-कश्मीर में बारिश ने अपना रुख बदला है। लगातार आठ महीने तक सामान्य से कम वर्षा के बाद जुलाई में केंद्र शासित प्रदेश में 35 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। जुलाई में जम्मू-कश्मीर को सामान्य 192.6 मिमी के मुकाबले 259.7 मिमी वर्षा मिली। जम्मू संभाग के कई जिलों में जुलाई में बारिश ने पुराने आंकड़ों को पीछे छोड़ा।
रामबन में सामान्य से 125 प्रतिशत, ऊधमपुर में 108, सांबा में 91 और राजौरी में 88 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। पुंछ में 47, डोडा में 17 और रियासी में 14 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई।
जम्मू में बारिश सामान्य से 3 प्रतिशत ज्यादा
जम्मू जिले में बारिश सामान्य से तीन प्रतिशत अधिक रही। वहीं कठुआ में 25 प्रतिशत और किश्तवाड़ में 16 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई। कुछ जिलों में कमी के बावजूद जुलाई में हुई व्यापक बारिश ने पूरे जम्मू-कश्मीर को वर्षा के मामले में अधिशेष की स्थिति में पहुंचा दिया।
जुलाई की बारिश ने न केवल आठ महीने से चले आ रहे सूखे दौर को तोड़ा, बल्कि प्रदेश में मौसम के मिजाज में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत भी दिया है।
बारामूला में सामान्य से 165 प्रतिशत ज्यादा
बारिश की सबसे बड़ी मेहरबानी कश्मीर घाटी के जिलों पर रही। बारामूला में सामान्य से 165 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई, जबकि गांदरबल में 110 और पुलवामा में 108 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई। श्रीनगर और अनंतनाग में 71-71 प्रतिशत तथा कुलगाम में 51 प्रतिशत अधिक बारिश हुई।
बांड़ीपोरा और कुपवाड़ा में भी क्रमश: 33 और 32 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई। हालांकि, शोपियां में स्थिति अलग रही। यहां सामान्य से 40 प्रतिशत कम बारिश हुई और यह घाटी का एकमात्र ऐसा जिला रहा, जहां जुलाई में वर्षा की कमी दर्ज की गई।
