रियासी, जेएनएन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुझ पर गर्व करने की बात कहना, किसी प्रोत्साहन से कम नहीं है। उनके द्वारा मेरे लिए इतना लिख देने मात्र से ही मेरे शरीर में नई शक्ति का संचार हुआ है। मेरी उम्र 74 साल है, बीमार भी रहता हूं। मोदी जिन्हें विश्व भर में लोग जानते हैं, उन्होंने रियासी में रहने वाले मुझ जैसे मामूली से समाज सेवक की सराहना कर आज मुझे यह स्पष्ट कर दिया है कि मैं सही रास्ते पर चल रहा हूं। मैं अपने आप में नई ऊर्जा महसूस कर रहा हूं, मैंने यह निश्चित कर लिया है कि अब जब तक जिंदा रहूंगा, समाजिक हित के लिए काम करता रहूंगा।

रियासी के बुजुर्ग समाज सेवक योगराज मैंगी ने प्रधानमंत्री से मिली इस प्रशंसा के बाद के अनुभव जागरण से सांझे किए। उन्होंने कहा कि वह रोज की तरह सुबह बाजार खुलने पर मास्क बनाने के लिए कपड़ा रखीदने के लिए निकले हुए थे। तभी बेटे का फोन आया और उसने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने निजी ट्वीटर हैंडल पर उनके द्वारा कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे लोगों के हित में किए जा रहे कार्यों की सराहना की है। मैंगी ने कहा कि यह सुनते ही उनके आंखों में आंसू आ गए। परंतु अजीब से शक्ति का अनुभव भी हुआ। जो दिल व दिमाग बुजुर्ग होने का एहसास दिला रहे थे, अब जारी काम को और गतिशील करने की बात कर रहे थे। उन्होंने उनकी बात मानी और उस दिन मैंने कपड़ा भी अधिक खरीदा।

मैंगी ने कहा कि उन्हें सेवानिवृत्त हुए कई साल हो गए हैं परंतु वह समाज सेवा अपनी युवा काल से कर रहे हैं। वैसे तो रियासी में कोरोना से बचाव के लिए प्रशासन के अलावा कई अन्य सामाजिक संस्थाएं अपनी भूमिकाएं निभा रही हैं। परंतु समाज सेवा में वन मैन आर्मी समझे जाने वाले विश्व हिंदू परिषद के पूर्व प्रधान 73 वर्षीय योगराज मैंगी कोरोना की जंग को जीतने के लिए लोगों में निशुल्क मास्क वितरित कर रहे हैं। वह पिछले लगभग एक माह से भी अधिक समय से लोगों में निशुल्क मास्क वितरित कर रहे हैं। अभी तक छह हजार से अधिक मास्क वितरित कर चुके हैं। शुरूआत उन्होंने बाजार से मास्क खरीदकर बांटने से की परंतु अब वह खुद मास्क तैयार करवाकर वितरित कर रहे हैं।

लॉकडाउन में भी दे रहे रोजगार: मैंगी का यह प्रयास इसीलिए भी प्रशंसनिय है कि क्योंकि वह समाज के साथ-साथ घर में लॉकडाउन की वह से बेरोजगार बैठी महिलाओं को रोजगार भी प्रदान कर रहे हैं। मास्क तैयार करने के लिए वह इलाके की कुछ जरूरतमंद महिलाओं की मदद ले रहे हैं। वह उन्हें सामग्री उपलब्ध करवा रहे हैं और महिलाएं अपने घरों में ही बैठ मास्क तैयार कर रही है। मैंगी उन्हें इसका मेहनताना भी दे रहे हैं। इस समय लगभग 100 मास्क रोजाना तैयार हो रहे हैं।

पेंशन का 70 प्रतिशत समाज सेवा में करते हैं खर्च: पीडब्ल्यूडी विभाग से बतौर ड्राफ्ट्समैन सेवानिवृत्त हुए मैंगी ने बताया कि वह इस कार्य के लिए किसी पर निर्भर नहीं है। न ही वह किसी से रूपये मांगते हैं। समाज सेवा की लत उन्हें युवा काल से है। उस समय भी वह अपने वेतन से ही जरूरतमंदों की मदद करते थे। आज सेवानिवृत्त होने के बाद भी वह पैंशन की 70 प्रतिशत राशि समाज सेवा में खर्च कर देते हैं। वर्तमान में वह जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा, बीमार लोगों की दवाई तथा जरूरतमंद लोगों के राशन इत्यादि की व्यवस्था भी स्वयं करते हैं। वह कई गरीब लड़कियों की शादी भी करवा चुके हैं।

मैंगी ने अंत में कहा कि देश के प्रधानमंत्री की बातों का अनुसरण कर हरेक नागरिक को अपने घर में रहकर कोरोना को हराना है। परंतु इसी के साथ समाज तथा जरूरतमंद लोगों की भलाई के लिए भी काम करना है। इस मुश्किल घड़ी से देश को उभारने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है।

Posted By: Rahul Sharma

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