जागरण संवाददाता, जम्मू : ट्रक में छुपकर श्रीनगर जा रहे तीन आतंकियों ने बुधवार सुबह जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित झज्जर कोटली इलाके में खतरा भांपकर पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। पुलिस के जवान किसी तरह बच गए, लेकिन ताबड़तोड़ गोलियां चलाते हुए आतंकी ट्रक से कूदकर साथ लगते जंगल की तरफ भाग गए। रास्ते में आतंकियों ने सेरीकल्चर की नर्सरी में तैनात फारेस्ट गार्ड गणेश दास की खाकी वर्दी देख उसे पुलिसकर्मी समझ गोली मार दी, जिससे वह घायल हो गया। घटनास्थल से हड़बड़ाहट में भागे आतंकी अपना एक बैग मौके पर ही छोड़ गए, जिसमें एक एके-47 राइफल, एक एके-मैगजीन, जैकेट बरमूडा, टी शर्ट और अन्य समान मिला। इसके बाद आतंकी वारदात स्थल से कुछ ही दूरी पर पुराने झज्जर कोटली मार्ग पर ईश्वर दास खजूरिया के घर में छुप गए। आतंकियों ने घर में मौजूद परिवार के तीन सदस्यों को दिनभर बंदी बनाए रखा। जबकि सेना, वायुसेना, सीआरपीएफ और पुलिस के जवान हेलीकॉप्टर, ड्रोन व खोजी कुत्तों की मदद से जंगल को खंगालते रहे। रात करीब साढ़े नौ बजे आतंकी घर से कपड़े बदलकर व तीन जोड़ी और कपड़े व खाना लेकर अंधेरे में फिर भाग निकले। इसकी सूचना मिलते ही सुरक्षाबलों ने जम्मू-श्रीनगर हाईवे को बंद कर भागने के सभी रास्तों को सील कर व्यापक तलाशी अभियान और तेज कर दिया। दिन में करीब सात घंटे हाईवे पर वाहनों का आवागमन बंद रहने के बाद रात को भी जहां-तहां वाहनों को रोक दिया गया।

इस बीच, पुलिस ने ट्रक को जब्त कर चालक व सहचालक को हिरासत में ले लिया है। दोनों से कड़ी पूछताछ की जा रही है। ट्रक के कागजात के मुताबिक, ट्रक का मालिक फैयाज अहमद शेख दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि ये आतंकी जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर किसी सैन्य शिविर को निशाना बनाना चाहते थे। आतंकी हमले के बाद जम्मू व कटड़ा हाई अलर्ट कर दिया गया है। वारदात स्थल कटड़ा से करीब 15 किलोमीटर दूर है।

हमला जम्मू से करीब 30 किलोमीटर दूर सुबह 8.40 बजे झज्जर कोटली में हुआ। दरअसल, आतंकी जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित दयालाचक्क (कठुआ) से ट्रक नंबर जेके03एफ-1476 में बैठकर श्रीनगर जा रहे थे। जम्मू से आगे हाईवे पर स्थित सकेतर के पास वाहनों की जांच के लिए लगाए गए नाके पर पुलिस को देखकर ट्रक चालक घबरा गया और जल्दबाजी में ट्रक को वहां से निकाला। पुलिस को शक हुआ कि ट्रक में मवेशी हो सकते हैं। लिहाजा उन्होंने आगे झज्जर कोटली पुलिस चौकी पर वायलेस से सूचित किया और फ्लाइंग स्क्वाड की एक जीप ट्रक का पीछा करने लगी।

इससे अंजान ट्रक चालक ने नाश्ता करने के लिए ट्रक को झज्जर कोटली के समीप एक ढाबे पर खड़ा कर दिया। चालक व सहचालक सांई केफटेरिया ढाबे में नाश्ता कर रहे थे और ट्रक में छिपे आतंकियों के लिए परांठे पैक करवा रहे थे। तभी पुलिस ट्रक की पहचान कर मौके पर पहुंच गई। पुलिस वालों ने जब ढाबा मालिक दीपक से पूछताछ की तो उसने बताया कि तीन पराठें पैक करने का आर्डर मिला है और चालक व सहचालक नाश्ता कर रहे हैं। पुलिस को शक हुआ तो उन्होंने चालक को ट्रक की तलाशी देने को कहा। जैसे ही पुलिस ने आगे की खिड़की खोली तो अंदर से उसे जबरदस्ती बंद कर दिया गया। पुलिस ने पीछे जाकर ट्रक पर डाली गई तिरपाल को उठाया तो आतंकी छलांग मारकर बाहर आ गए और उन्होंने फायर खोल दिया। 14 गांवों की घेराबंदी कर व्यापक तलाशी अभियान : सूचना मिलते ही सुरक्षाबल मौके पर पहुंच गये। हाईवे के दोनों और लगते करीब 14 गांवों की घेराबंदी कर व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। हमला स्थल के साथ श्री माता वैष्णो देवी नारायणा अस्पताल, माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय व कई बड़े स्कूल भी हैं। स्कूलों में छुट्टी के साथ अन्य स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई। सीमा पार से घुसपैठ कर आए हैं आतंकी :

जम्मू संभाग के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आइजीपी) एसडी ¨सह जम्वाल ने दावा किया कि हमलावर तीनों आतंकी हाल ही में सांबा सेक्टर से अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ करके आए हैं। उनसे बैग से मिले खजूर, इंजेक्शन और दवाइयां से यह जाहिर हो जाता है कि ये तीनों पाकिस्तानी हैं। ट्रक चालक व सहचालक ओवर ग्राउंड वर्कर हैं, जो पहले भी आतंकियों को इधर से उधर ले जाते रहे हैं। चालक की पहचान सेंट्रल कश्मीर के बड़गाम जिले के रियाज अहमद के रूप में हुई है। सहचालक की मकबूल निवासी चरारे शरीफ बड़गाम के रूप में हुई है। वह पेशे से ट्रेनी डॉक्टर है। आइजी ने कहा कि आतंकियों को मार गिराने के लिए थर्मल इमेज का इस्तेमाल भी किया जाएगा। 30 हजार में हुआ था आतंकियों को श्रीनगर ले जाने का सौदा :

आइजीपी एसडी ¨सह जम्वाल ने कहा कि ट्रक चालक और सहचालक से पूछताछ में पता चला है कि ये आतंकवादी दयालाचक्क हाईवे से ट्रक में बैठे थे और तीस हजार रुपये में इन्हें श्रीनगर पहुंचाने का सौदा तय हुआ था। बीस हजार रुपये एडवांस चालक को मिल गया था। श्रीनगर पहुंचाने पर दस हजार रुपये और दिए जाने थे। चालक से बीस हजार बरामद कर लिए गए हैं। जैश के फिदायीन दस्ते के हैं आतंकी :

जम्मू कश्मीर पुलिस ने दावा किया है कि हमलावर तीनों आतंकी जैश-ए-मोहम्मद के फिदायीन दस्ते से संबंधित हैं। आतंकियों की उम्र 18 से 22 साल के बीच है। सभी के कंधों पर पिट्ठू बैग है। दो के पास एके 47 राइफलें, जबकि एक के पास पिस्टल है। उनमें से एक ने पठान सूट व दो ने पेंट शर्ट पहनी थी, जो उन्होंने बाद में बदल ली। सूचना देने वाले को मिलेगा पुरस्कार :

पुलिस ने कहा कि जो भी भाग निकले आतंकियों की जानकारी देगा या उन्हें देखकर पुलिस को सूचित करेगा उसे उचित पुरस्कार दिया जाएगा। उनकी सूचना पुलिस एसएसपी कंट्रोल रूम में 7006690780 पर दी जा सकती है।

Posted By: Jagran