जम्मू, [जागरण संवाददाता] । जम्मू के सीमांत क्षेत्र की धरती प्रवासी पक्षियों को पसंद आ गई है। यहां स्थित नदी-नाले के आसपास की नम भूमि पर मानव हलचल कम होने से नायाब किस्म के पक्षियों का इन क्षेत्रों की ओर बढ़ा है। यही कारण है कि पिछले पांच सालों में यहां दर्जन भर दुर्लभ प्रजाति के नए पक्षी इन क्षेत्रों से जुड़े हैं।

इसमें तवी क्षेत्र में आने वाली स्पाट बिल डक, सीमांत क्षेत्रों में आसने वाले सारस क्रेन, कुकरेयाल क्षेत्र में आने वाली लाल रंग की ब्रहमी बतखें, घराना में आने वाले ब्लैक हेडड इबीज, ग्रे इवीज, ग्रेटर व्हाइट फ्रंटड गूज आदि शामिल हैं। इसके अलावा पिछले सालों में लांग टेल डक भी घराना में दिखी। यह पक्षी देश के चंद ही जगहों पर देखा गया है। इसके अलाव सफेद व लाल रंग समेटे हुए पेंटिड स्टार्क भी कई बार सीमांत क्षेत्रों में देखा गया।

इन मेहमानों को पसंद है शांत वातावरण:

पर्यावरणविद् बृज मोहन गुलाटी का कहना है कि दरअसल सीमांत क्षेत्रों में इन पक्षियों को खाने के लिए पर्याप्त खुराक मिल जाती है। दूसरी बात यह कि सीमांत क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही नहीं होती है। यह पक्षी अपने आपको सुरक्षित समझते हैं। यही वजह है कि सीमांत क्षेत्रों में सर्दियों के मौसम में काफी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं। 

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Posted By: Preeti jha

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