जम्मू, राज्य ब्यूरो। आठ माह से कैद पीपुल्स डेमाेक्रेटिक पार्टी की अध्यक्षा और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती मंगलवार की सुबह अपने सरकारी निवास में पहुंच गई। अलबत्ता, जन सुरक्षा अधिनियम से मुक्त नहीं किया गया है और वह अगले आदेश तक अब अपने घर में ही कैद रहेंगी। उनके सरकारी निवासी फेयर व्यू काे जम्मू-कश्मीर गृह विभाग ने पूरक जेल का दर्जा दिया है।

पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को भी प्रदेश प्रशासन ने पांच अगस्त 2019 की सुबह जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम को लागू किए जाने से पूर्व प्रदेश के अन्य प्रमुख नेताओं संग एहतियातन हिरासत में लिया था। जम्मू -कश्मीर की पहली महिला मुख्यमंत्री को पहले हरि निवास में रखा गया था। उसके बाद उन्हें चश्माशाही स्थित एक सरकारी गेस्ट हाउस में रखा गया। उसके बाद नवंबर माह के दौरान उन्हें लालचौक से कुछ ही दूरी पर ट्रांसपोर्ट लेन स्थित एक सरकारी गेस्ट हाउस में एहतियातन हिरासत में रखा गया था। गत फरवरी माह के दौरान प्रदेश प्रशासन ने उन्हें जन सुरक्षा अधिनियम के तहत कैद कर लिया।

उनके साथ ही हिरासत में लिए गए दो अन्य पूर्व मुख्यमंत्रियों डॉ. फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला को प्रशासन ने गत मार्च माह के दौरान ही रिहा कर दिया था। उनकी रिहाई के बाद सभी को उम्मीद थी कि महबूबा मुफ्ती को भी पीएसए से जल्द मुक्त कर दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उनकी बेटी इल्तिजा ने इस पर केंद्र सरकार को भी आड़े हाथ लिया था। उन्होंने कोरोना वायरस के संक्रमण के लगातार फैलते हालात के मद्​देनजर भी अपनी मां की रिहाई के लिए प्रदेश प्रशासन और केंद्र सरकार से आग्रह किया। उन्होंने इस संदर्भ में उपराज्यपाल जम्मू-कश्मीर जीसी मुर्मु को भी एक पत्र लिखा था। दो दिन पूर्व नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने भी एक बार फिर महबूबा मुफ्ती की रिहाई की अपनी मांग को दोहराया है।

केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर राज्य गृह विभाग के प्रधान सचिव शालीन काबरा ने आज एक आदेश जारी कर पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को ट्रांसपोर्ट लेन मौलाना आजाद से गुपकार मार्ग स्थित फेयर व्यू में स्थानांतरित करने का एक आदेश जारी किया है। उन्होंने अपने आदेश में कहीं भी उन्हें पीएसए से मुक्त करने की जानकारी नहीं दी है, सिर्फ उन्हें कैद रखने के स्थान को बदलने का जिक्र किया गया है। महबूबा मुफ्ती जब जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री थी तो उन्हें सरकारी निवास के तौर पर यह बंगला प्रदान किया गया था। गृह विभाग के निर्देशानुसार, फेयर व्यू को फिलहाल पूरक जेल घोषित कर दिया गया है। उन्हें फेयर व्यू में कोई भी बाहरी व्यक्ति नहीं मिल पाएगा।

Posted By: Rahul Sharma

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस