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महबूबा मुफ्ती को मिला मीरवाइज का साथ, 'तंत्र साधना' शिविर पर सियासी संग्राम; CM उमर से की रोक लगाने की मांग

Published: Sat, 19 Sep 2026 09:00 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर के गुरेज में प्रस्तावित 'तंत्र इन साइलेंस' रिट्रीट पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें महबूबा मुफ्ती और ...और पढ़ें

महबूबा मुफ्ती को मिला मीरवाइज का साथ। फाइल फोटो

महबूबा मुफ्ती को मिला मीरवाइज का साथ। फाइल फोटो

HighLights

  1. गुरेज में 'तंत्र इन साइलेंस' रिट्रीट पर राजनीतिक विवाद।

  2. महबूबा मुफ्ती और मीरवाइज उमर फारूक ने तत्काल हस्तक्षेप मांगा।

  3. संवेदनशील गुरेज क्षेत्र में बिना अनुमति आयोजन पर उठे सवाल।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। नियंत्रण रेखा के निकट स्थित जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील गुरेज क्षेत्र में प्रस्तावित चार दिवसीय ‘तंत्र इन साइलेंस–ए जर्नी विदिन’ रिट्रीट को लेकर राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया है।

24 से 27 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम पर पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और मीरवाइज उमर फारूक ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। गुरेज विधायक नजीर अहमद खान ने भी आरोप लगाया है कि इस कार्यक्रम के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है।

कार्यक्रम की प्रचार सामग्री के अनुसार, इसमें ध्यान, साउंड हीलिंग, ‘लव एंड अवेयरनेस’, सचेत जीवन और आंतरिक परिवर्तन जैसी गतिविधियां शामिल होंगी। प्रति व्यक्ति 11,995 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है, जिसमें भोजन और ठहरने की सुविधा भी शामिल है। प्रचार सामग्री में स्वामी ध्यान सुमित को फैसिलिटेटर बताया गया है।

सीएम उमर अब्दुल्ला से की कार्रवाई की मांग

महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया पर कार्यक्रम का पोस्टर साझा करते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और जम्मू-कश्मीर पुलिस को टैग किया। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की और कहा कि गुरेज जैसे संवेदनशील क्षेत्र को आध्यात्मिकता या पर्यटन के नाम पर प्रयोगों का केंद्र नहीं बनाना चाहिए।

मीरवाइज उमर फारूक ने भी महबूबा के बयान का समर्थन करते हुए कार्यक्रम पर सवाल उठाए। उन्होंने पिछले वर्ष गोवा में इसी संगठन से जुड़े एक कार्यक्रम को पुलिस हस्तक्षेप के बाद रद्द किए जाने का उदाहरण दिया। गुरेज विधायक नजीर अहमद खान ने भी इस इवेंट के लिए अनुमति न मिलने की बात कही और इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक-धार्मिक संवेदनशीलता के लिए हानिकारक बताया।

गुरेज के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की अनुमति और आयोजन के स्वरूप पर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।