जागरण संवाददाता, जम्मू : बागवानी व किसानी से जुड़े विभागों, शैक्षणिक संस्थान के प्रमुख अधिकारियों की बैठक में किसानों व बागवानों की बेहतरी के लिए मंथन हुआ। वहीं केंद्रीय योजनाओं को सशक्त तरीके से लागू कराने पर जोर दिया गया। विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारियों को एक साथ लाने की यह अनोखी पहल थी। मरालियां व मिश्रीवाला में रखे गए कार्यक्रम में शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी (स्कास्ट) के वैज्ञानिक भी उपस्थित हुए। स्कास्ट के कुलपति जेपी शर्मा ने विस्तार से चर्चा में भाग लिया। विभिन्न विभागीय योजनाओं के कार्यान्वयन के संबंध में संबंधित विभागों के प्रमुखों द्वारा अपनी ओर से कई सुझाव भी दिए गए। बागवानी, कृषि, पशुपालन, भेड़पालन, योजना और विपणन विभाग के अधिकारियों के साथ मिश्रीवाला में फल संयंत्र नर्सरी का भी दौरा किया गया। स्कास्ट के वैज्ञानिकों ने नर्सरी के समग्र विकास के लिए चर्चा की। इस अवसर पर संबोधित करते हुए विशेषज्ञों ने किसानों को संयुक्त संगठन बनाने पर बल दिया। वहीं कृषि उत्पाद की ग्रेडिग पर जोर देने के लिए कहा। ग्रेडिग से ही किसानों व बागवानों को बेहतर दाम मिल सकेंगे।

निदेशक बागवानी ने विस्तार से बताया कि विभाग उच्च घनत्व वाले वृक्षारोपण के लिए प्रति हेक्टेयर 50,000 रुपए का प्रोत्साहन प्रदान कर रहा है। स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए प्रति कनाल 13000 रुपए की सहायता किसान तक पहुंचाई जाएगी। निदेशक बागवानी जम्मू राम सेवक, निदेशक कृषि इंद्रजीत, विवेक शर्मा के अलावा कई अधिकारी भी मौके पर उपस्थित थे।

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