फोटो 47, 48, सहित

जम्मू: शिव मंदिर बिक्रम चौक में भी श्रद्धालुओं का देर शाम तक तांता लगा रहा। बाहरी राज्यों से यहां विशेष तौर पर बुलाए गए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से भक्तों को शिव लीलाओं से अवगत कराया। शिव महिमा को देख श्रद्धालुओं भक्तिरस में लीन नजर आए। शिव लीलाओं का नाट्य रूपांतर और शिव-चंडी का तांडव नृत्य लोगों को काफी पसंद आया। चार घंटे से भी अधिक समय तक चली इन प्रस्तुतियों को देखने के लिए मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। इस अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए लंगर भी आयोजित किया गया था।

------

शिव की लीलाओं पर

आधारित झांकी भी निकली

फोटो 46 सहित

जम्मू : भगवान शिव की लीलाओं पर आधारित भव्य झांकी मंगलवार को महाशिवरात्रि पर भी निकाली गई। समाधियां रोड स्थित शिव मंदिर प्रबंधन व स्थानीय लोगों के सहयोग से निकाली गई यह झांकी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी। भोले की लीलाओं को दर्शाती इस झांकी को देखने के लिए सड़कों पर भीड़ उमड़ पड़ी। समाधियां रोड से निकली यह शोभायात्रा डोगरा चौक, ज्यूल चौक, गुम्मट, विवेकानंद चौक से होते हुए मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई।

-----

-----

विद्यार्थी भी पहुंचे भगवान के द्वार

फोटो 44 सहित

जम्मू: युवा भी बड़ी संख्या में महाशिवरात्रि पर भगवान शिव के दर्शनों व उनके द्वार में माथा टेकने के लिए पहुंचे। शिवलिंग का जलाभिषेक करने के बाद बच्चों ने काफी देर तक अपनी आंखे बंद कर सफल जीवन, परीक्षाओं में अच्छे नंबर, के साथ पास होने की प्रार्थना की। कइयों ने इस दौरान भगवान शिव के वाहन नंदी के कानों में भी अपनी मन्नत सुनवाई।

----

काल सर्प दोष की करवाई शांति

महाशिवरात्रि पर चिनाब दरिया पर स्थित परशुराम मंदिर में विशेष नाग पूजा का भी आयोजन किया गया। काल सर्प दोष की शांति हेतु करवाई गई इस पूजा में काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। नाग देवता के आराध्य भगवान शिव की पूजा कर श्रद्धालुओं ने गृह शांति की कामना की। बाबा कैलख देवस्थान के महंत रोहित शास्त्री जी ने बताया कि काल सर्प योग वाला व्यक्ति सभी क्षेत्र में पिछड़ा रहता है। शिवजी ने नाग को अपने गले में धारण किया हुआ है और स्वयं भी महाकाल हैं इसीलिए शिवरात्रि पर उनकी आराधना से वह काल सर्प दोष से मुक्ति दिलाते हैं। पूजा संपन्न होने पर श्रद्धालुओं ने चिनाब में स्नान किया और भोले के दर्शन किए।

-----

लंगर में उमड़े श्रद्धालु

फोटो 54 सहित

शहर के सभी मंदिरों व बाजारों में दिन भर लंगरों का भी आयोजन किया गया। इन लंगरों में देर शाम तक प्रसाद ग्रहण करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई। रणवीरेश्वर मंदिर, पीरखोह मंदिर, शिव धाम, शिव मंदिर गांधी नगर, केदारेश्वर मंदिर लास्ट मोड़, लक्ष्मी नारायण मंदिर सहित अन्य मंदिरों में हलवे, आलू पूरी के लंगर लगाए गए थे।

By Jagran