जम्मू, जेएनएन। मंदिरों में घंटों के बजने और ‘हर हर महादेव’ तथा ‘बम बम भोले’ के जयकारों के बीच आज मंदिरों के शहर जम्मू में महाशिवरात्रि पर्व श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी हुई है। आतंकी खतरे के मद्देनजर शहरों के सभी मंदिरों के बाहर कड़ी सुरक्षाव्यवस्था रही। शहर में चहुंओर शिव भक्ति की गंगा बहती नजर आ रही है। हर कोई शिवमय नजर आ रहा है। मंदिरों में जहां हर-हर महादेव, जय शिव शंकर आदि जयघोष गूंज रहे। राज्य व परिवार की सुख-समृद्धि व शांति के लिए हवन-यज्ञ भी करवाए जा रहे हैं। ऐसा लग रहा है मानों भगवान आशुतोष का आशीर्वाद पाने के लिए आस्था का जन सैलाब उमड़ा पड़ा हो।

ऐतिहासिक रणबीरेश्वर मंदिर, रघुनाथ मंदिर, पीरखोह मंदिर, आप शम्भू मंदिर, शिव धाम, केदारेश्वर मंदिर लास्ट मोड़, बाबा लाल जी मंदिर, शिव मंदिर गांधी नगर सहित अन्य मंदिरों में मेले जैसा माहौल है। कतारों में खड़े सैकड़ों श्रद्धालुओं को भोले के दर्शन पाने के लिए घंटों कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। पीरखोह मंदिर में भगवान शिव व मां पार्वती के वेशभूषा में कलाकारों ने श्रद्धालुओं के समक्ष नृत्य प्रस्तुत किया। यहां महाशिवरात्रि मेले का दूसरा दिन है। वहीं भगवान शिव के परम भक्त जंगम भी जगह-जगह शिव-विवाह की कथा सुनाकर पर्व की महत्ता के बारे में श्रद्धालुओं को अवगत कराते नजर आ रहे हैं।

जंगम साधुओं ने मेले में भक्ति का ऐसा रंग दिखाया कि भक्त झूम उठे। मंदिरों में श्रद्धालु शिवलिंग पर जल चढ़ा और पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। इस अवसर पर मंदिरों और शहर के मुख्य बाजारों में श्रद्धालुओं के लिए लंगर की भी व्यवस्था भी की गई है। व्रतियों के लिए फलाहार व अन्यों के लिए दाल चावल, आलू-पूरी व हलवे के विशेष लंगर लगाए गए हैं।

पीरखोह, आप शम्भू मंदिर रूपनगर में इस अवसर पर मेले सा माहौल दिखा। अभिभावकों के साथ आए बच्चों ने खिलौने, गुब्बारे खरीदने के साथ झूलों का खूब आनंद उठाया। अखनूर के ऐतिहासिक कामेश्वर दास मंदिर में भी भोले के दर्शनों के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। स्पीकर निर्मल सिंह, पूर्व उपमुख्यमंत्री कविन्द्र गुप्ता, बाली भगत, सुखनंदन चौधरी सहित अन्यों ने भी भगवान कामेश्वर के दरबार में हाजरी देकर राज्य में शांति व भाईचारे के लिए प्रार्थना की।

महंत रामेश्वर दास के साथ सभी विशेष पूजा में भी शामिल हुए। इसके उपरांत मंत्री पांडव गुफा भी गए जहां अज्ञात वास के दौरान पांडवों ने कई सालों तक भगवान शिव की आराधना की थी। कस्बे के अन्य प्रमुख गौरी शंकर मंदिर व सुंगल स्थित शिवें दी केरी मंदिरों में देर शाम तक महादेव के दर्शनों के लिए श्रद्धालु कतारों में खड़े रहे। इसी बीच सबकी मनोकामना पूरी करने वाला महा शिवरात्रि के इस पावर पर्व पर घरों में भी धार्मिक अनुष्ठान किए गए। शिव विवाह, हवन यज्ञ कर लोगों ने भगवान शिव की भक्ति में समय व्यतीत किया।

Posted By: Rahul Sharma

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप