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महाराजा हरि सिंह को था लग्जरी कारों का शौक, अमर महल में आज भी हैं निशानियां; जानें शाही सवारियों के अनसुने किस्से

Published: Wed, 23 Sep 2026 07:15 AM (IST)

Maharaja Hari Singh Birth Anniversary: महाराजा हरि सिंह की 131वीं जयंती पर उनकी शाही और आधुनिक गाड़ियों का जिक्र किया ...और पढ़ें

महाराजा हरि सिंह ने 1924 की इस विंटेज कार में करवाए थे खास बदलाव। (फोटो- इंटरनेट मीडिया)

महाराजा हरि सिंह ने 1924 की इस विंटेज कार में करवाए थे खास बदलाव (फोटो- इंटरनेट मीडिया)

HighLights

  1. महाराजा हरि सिंह की 131वीं जयंती पर विशेष।

  2. अमर महल संग्रहालय में उनकी शाही गाड़ियां प्रदर्शित।

  3. परंपरा और आधुनिकता के संतुलन के प्रतीक थे महाराजा।

अशोक शर्मा, जम्मू। जम्मू-कश्मीर के अंतिम डोगरा शासक महाराजा हरि सिंह की आज 131वीं जयंती है। इस मौके पर हम आपको उनकी उन शाही गाड़ियों के बारे में बताएंगे, जो आज भी उनकी आधुनिक सोच की कहानी कहती हैं। अमर महल संग्रहालय के बाहर खड़ी ये गाड़ियां सिर्फ पुरानी विरासत नहीं हैं, बल्कि इस बात की गवाह हैं कि महाराजा हरि सिंह परंपराओं के साथ आधुनिकता को भी अपनाने में विश्वास रखते थे।

राजसी ठाठ-बाट, घुड़सवारी और शिकार के साथ आधुनिक गाड़ियों का आकर्षण भी महाराजा हरि सिंह के व्यक्तित्व का खास हिस्सा था। अंतिम डोगरा शासक को शानदार और आधुनिक वाहनों की सवारी का ऐसा शौक था, जिसकी झलक आज भी जम्मू की विरासत में देखी जा सकती है। अमर महल संग्रहालय के बाहर प्रदर्शित उनकी दौर की कुछ गाड़ियां न केवल आटोमोबाइल इतिहास, बल्कि डोगरा राजघराने की आधुनिक सोच की कहानी भी बयां करती हैं।

महाराजा हरि सिंह की सवारी के प्रति रुचि बचपन से ही दिखाई देती थी। कभी घोड़े पर सवार महाराजा की तस्वीरें सामने आती हैं तो कभी मुबारक मंडी में तांगे की सवारी करते हुए उनकी छवि दिखाई देती है। लंदन में विंटेज कारों के साथ उनकी तस्वीरें उनके बदलते समय के साथ कदम मिलाकर चलने वाले व्यक्तित्व को दर्शाती हैं।

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1935 की इस तस्वीर में महाराजा हरि सिंह श्रीनगर के गुपकर रोड स्थित अपने महल की सीढ़ियों से नीचे उतरते हुए दिखाई दे रहे हैं। वे अपनी नई खरीदी हुई 'जी.एम. लासेला' (G.M. LaSella) मोटर कार में बैठने जा रहे हैं, जिसे अमेरिका के डेट्रॉइट से मंगाया गया था।

अमर महल के बाहर आज भी खड़ी हैं कई विंटेज कारें

आधुनिक गाड़ियों के प्रति उनका आकर्षण इस बात का संकेत था कि वे परंपराओं के सम्मान के साथ आधुनिकता को भी अपनाने में विश्वास रखते थे।

अमर महल के बाहर आज भी शेवरोलेट जेकेएन 4323, यूएसएल 1058, पीबी 83बी 2089, यूएस आर्मी विलीज और गेरहोर्ट डिजाइन हार्ले-डेविडसन जैसी गाड़ियां लोगों का ध्यान आकर्षित करती हैं। ये वाहन उस दौर की तकनीक, शाही जीवनशैली और बदलते परिवहन इतिहास की झलक प्रस्तुत करते हैं।

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महाराजा हरि सिंह के पड़पोते मृदुंग सिंह के अनुसार, पुरानी गाड़ियां अब उनके परिवार के पास नहीं हैं, लेकिन पुराने वाहनों का संग्रह दोबारा तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।

महाराजा हरि सिंह के व्यक्तित्व और आधुनिक सोच का उल्लेख करते हुए डा. सिंह कई बार कह चुके हैं कि बापू जी को घुडसवारी आदि का काफी शौक था, उन्हें आधुनिक गाड़ियों में सवारी करना बहुत पसंद था। वे आधुनिकता में विश्वास रखते थे और बदलते दौर को समझते हुए उसे अपनाने के पक्षधर थे।

दुर्लभ विंटेज कार से जुड़ी यादें

महाराजा हरि सिंह की विरासत से जुड़ी सबसे चर्चित गाड़ियों में वर्ष 1924 की वाक्सहाल 30-98 ओई वेलोक्स टूरर भी शामिल है। अपने दौर की बेहतरीन ब्रिटिश स्पोर्ट्स कारों में शुमार यह कार महाराजा को बेहद पसंद थी। इसकी दुर्लभ एल्युमिनियम बॉडी और विशेष डिजाइन इसे आज भी खास बनाते हैं।

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महाराजा की पसंद के हिसाब से बदली गई थी कार

बताया जाता है कि महाराजा हरि सिंह ने अपनी पसंद के अनुरूप इस कार में कई विशेष बदलाव करवाए थे। यात्री की ओर अतिरिक्त हैंडब्रेक और दरवाजा लगवाने के साथ विंडस्क्रीन को विभाजित डिजाइन दिया गया था। कार के निर्माण में अधिकतम समरूपता बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दिया गया था।

महाराजा हरि सिंह के बाद यह दुर्लभ कार भारत, पाकिस्तान, अमेरिका और ब्रिटेन के कई प्रतिष्ठित कार संग्राहकों के पास रही। प्रसिद्ध कार कलेक्टर और मास्टर वॉचमेकर जार्ज डेनियल्स तथा मोटरिंग जगत से जुड़े एड राय भी इसके मालिकों में शामिल रहे।

दिसंबर 2018 में लंदन के बोनहेम्स में इस कार की नीलामी हुई थी। महाराजा हरि सिंह ने इस कार को अपनी पसंद और जरूरत के हिसाब से खास तौर पर तैयार करवाया था।

ये सिर्फ शाही गाड़ियां नहीं, डोगरा इतिहास निशानी

इस तरह महाराजा हरि सिंह की गाड़ियों की कहानी केवल राजसी शौक तक सीमित नहीं है। इन वाहनों के पहियों में डोगरा इतिहास, बदलते समय की आहट और एक ऐसे शासक की सोच दर्ज है, जो अपनी परंपराओं की जड़ों से जुड़े रहते हुए आधुनिक दुनिया की ओर बढ़ने में विश्वास रखता था।