राज्य ब्यूरो, श्रीनगर: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि अगस्त का महीना भारत के इतिहास और जम्मू कश्मीर प्रदेश में बहुत महत्वपूर्ण है। हमें यह आत्मचिंतन जरूरत करना होगा कि बीते 70 सालों में जम्मू कश्मीर को क्या मिला, यहां हिंसा और पिछड़ापन क्यों रहा? प्रदेश में अब बदलाव की एक नई बयार बह रही है और प्रदेश प्रशासन विकास के एजेंडे को गति देने का पूरा प्रयास कर रहा है।

सिन्हा ने प्रदेश में विकास, शांति और सुरक्षा का वातावरण बनाने लिए जल्द ही सभी के साथ संवाद की प्रक्रिया बहाल करने का फिर से भरोसा दिया है। कहा कि बाधाएं आएंगी, लेकिन हमें इन्हें पार करना है। जम्मू कश्मीर का समग्र विकास हो, यह प्रधानमंत्री की सिर्फ इच्छा ही नहीं, बल्कि संकल्प भी है। प्रदेश के लोग मुख्यधारा के साथ चलें, वह राष्ट्रीय मुख्यधारा के साथ एकात्मक हों, यही हमारा लक्ष्य है। सिन्हा ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। उपराज्यपाल का कार्यभार संभालने के बाद मनोज सिन्हा ने बुधवार को पहली बार पंचायतों, बीडीसी और नगर निकायों के प्रतिनिधियों को संबोधित किया है।

शेरे कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में हुए सम्मेलन में उन्होंने कहा कि यहां शांति, सुरक्षा, विश्वास और विकास का वातावरण बनाना ही हमारी प्राथमिकता है। बातचीत या संगठन विशेष का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों के लिए एक शांतिपूर्ण, सम्माजनक जीवन को सुनिश्चित बनाने और एक विश्वासपूर्ण वातावरण तैयार करने के लिए संवाद-सलाह की एक प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हम जम्मू कश्मीर में बिना किसी पक्षपात के विकास का सुनिश्चित बनाएंगे। सम्मेलन में सिन्हा ने प्रदेश में गत एक साल में हुए विकास कार्यों पर आधारित विभागीय और जिला स्तरीय कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया।

राजनीति नहीं, एक-एक पैसे का हिसाब होगा : उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू कश्मीर में राजनीति हमारी प्राथमिकता नहीं है। यहां विकास के लिए आने वाले एक-एक पैसे का हिसाब होगा। आपके लिए जो पैसा आएगा, उसका पूरा सदुपयोग होगा। भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा। प्रदेश का समग्र विकास, यहां के लोग राष्ट्रीय मुख्यधारा के साथ एकात्मक होकर लोकतंत्र और विकास का लाभ लें, यही हमारा ध्येय है। लोगों को एक भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन मिलना चहिए।

गांधी का स्वराज याद किया

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पंचायतों और नगर निकायों के अधिकारों में बढ़ोतरी का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की स्वराज की जो परिकल्पना है, वह पंचायतों और निकायों के जरिए ही है। विकास में पंचायतों व नगर निकायों की सहभागिता को और बढ़ाया जाएगा। यहां त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था को पूरी तरह लागू करने की मांग उठी है। इस संदर्भ में कानून में आवश्यक संशोधन का एक प्रस्ताव केंद्र के पास विचाराधीन है। केंद्र जैसे ही यह फैसला लेगा, हम इस पर अमल करेंगे।

कोरोना योद्धा सम्मानित: उपराज्यपाल ने 20 कोरोना योद्धाओं के अलावा राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित छह सरपंचों और कुछ नगर निकायों के प्रतिनिधियों को समाज कल्याण में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी किया।

अधिकारियों को खुद में परिवर्तन की सीख

उपराज्यपाल ने जम्मू कश्मीर पंचायत अधिनियम की तारीफ की है। उन्होंने जम्मू कश्मीर में इस कानून को देश के कई अन्य राज्यों से बेहतर बतायौ। इसके बावजूद इसमें सुधार की पूरी गुंजाइश बताई। उन्होंने कहा कि हम सभी परिवर्तन की बात करते हैं, लेकिन हमें अपने में भी पहले परिवर्तन लाना चाहिए। जब हम ऐसा करेंगे तभी आम लोग कहेंगे कि यह हमारे मुख्य सचिव हैं, हमारे प्रशासनिक अधिकारी हैं, हमारे सरपंच हैं। खुद में परिवर्तन लाते हुए एक सजग, विचारशील और जिम्मेदार नागरिक बनेंगे।

पंच-सरपंचों को मिलेगी सुरक्षा

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधि, मुख्यधारा के राजनीतिक कार्यकर्ता,पंचायत प्रतिनिधि और नगर निकायों के प्रतिनिधि लोकतंत्र के मजबूत प्रहरी होते हैं। इसलिए आतंकी इन्हें निशाना बनाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि हम जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं। उनकी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत और यकीनी बनाने के लिए सभी प्रदेश प्रशासन सभी आवश्यक कदम उठा रहा है। सभी काे आतंकी खतरे के आकलन के आधार पर पर्याप्त सुरक्षा क्वच प्रदान किया जाएगा। सभी के जान-माल की सुरक्षा काे सुनिश्चित बनाना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्‍होंने कहा क‍ि संबंधित लोगों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी प्रबंध किए जाएंगे। इसके लिए एक कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है। आतंकी हमलों में बलिदान देने वाले जनप्रतिनिधियों के परिजनों के प्रति सिन्हा ने संवेदना भी प्रकट की।

लाेगों की उम्मीदो को पूरा करना होगा

उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू कश्मीर की जनता को केंद्र सरकार और प्रदेश प्रशासन से बहुत उम्मीदे हैं। मौजूदा पीढ़ी ने हमसे एक नयी उम्मीद बांध रखी है। इसलिए सभी हितधारकों को लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए समन्वित प्रयास करने होंगे।

सिर्फ प्रयास और सकंल्प चाहिए

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य हो या प्राकृतिक संसाधन, केंद्र शासित जम्मू कश्मीर प्रदेश बहुत आगे है। हमें सिर्फ इनका समुचित लाभ लेना है और मिलकर प्रयास करते हुए, एक नये संकल्पक के साथ जम्मू कश्मीर को विकास की बुलंदियां पर पहुंचाना है। 

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