जम्मू, राज्य ब्यूरो। जम्मू संभाग में सुरक्षा ग्रिड की मजबूती, नापाक इराधे रखने वाले आतंकियों पर मारक प्रहारों से श्री बाबा अमरनाथ यात्रा व मचेल यात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। आने वाले महीनों में होने वाली इन यात्राओं को सेना, जम्मू कश्मीर पुलिस व खुफिया एजेंसियां बेहतर समन्वय, खुफिया सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान से सुरक्षित बनाएंगी।

सेना की सोलह कोर मुख्यालय नगरोटा में वीरवार को हुई सुरक्षा समीक्षा बैठक में जम्मू संभाग के मौजूदा सुरक्षा हालात पर चर्चा करने के साथ सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने की रणनीति बनी। कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिन्द्र की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जम्मू कश्मीर पुलिस के एडीजीपी मुकेश सिंह के साथ विभिन्न खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। आत्मघाती हमला करने के लिए आए दो आतंकवादियों को गत माह जम्मू के सुंजवां में मार गिराने के साथ उनके तीन ओवर ग्राउंड वर्करों को गिरफ्तार किया था। इसक बाद सीमा सुरक्षा बल ने सांबा सेक्टर में घुसपैठ करवाने के लिए पाकिस्तान की ओर से खोदी गई सुरंग का पर्दाफाश किया है।

ऐसी पुख्ता सूचनाएं मिल रही हैं कि आतंकवादी श्री बाबा अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने की साजिशें रच रहे हैं। ऐसे हालात में वीरवार को हुई उच्च स्तरीय बैठक में देशविरोधी तत्वों के मंसूबों को लेकर मिल रही सूचनाओं, गिरफ्तार किए गए आंतकियों के ओवर ग्राउंड वर्करों से मिल रही जानकारियों पर भी विचार विमर्श हुआ। तय किया कि हर स्तर पर समन्वय बनाकर सेना, जम्मू कश्मीर पुलिस व खुफिया एजेंसियां, एक दूसरे को विश्वास में लेकर कार्य करेंगी। अपने अपने स्तर पर सुरक्षा ग्रिड को पुख्ता बनाने के साथ देश विरोधी तत्वों को लेकर मिल रही सूचनाएं तुरंत एक दूसरे से साझाा की जाएंगी। बैठक में सुरक्षा संबंधी अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

जम्मू-कश्मीर में इस समय श्री बाबा अमरनाथ यात्रा को कामयाब बनाने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी हो रही है। गत दिनों उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता वाली एकिकृत मुख्यालय की बैठक में यात्रा के सुरक्षा प्रबंधों पर चर्चा हुई थी। इस बैठक में सेना की सोलह कोर के कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिन्द्र ने भी हिस्सा लिया था। सरकार को उम्मीद है कि इस बार श्री बाबा अमरनाथ यात्रा में भक्तों की भारी भीड़ आनी तय है। अनुमान लगाए जा रहे हैं कि इस बार यात्रा पर 8 लाख श्रदालु आ सकते हैं। इस बार 43 दिन की यात्रा तीस जून से 11 अगस्त तक चलेगी। इस दौरान सेना, जम्मू कश्मीर पुलिस के सुरक्षा बंदोबस्त के साथ गृह मंत्रालय द्वारा भेजी जा रही सुरक्षाबलों की 400 के करीब अतिरिक्त कंपनियां आतंकियों व उनके समर्थकों के मंसूबे नकारेंगे। यात्रा के दौरान जम्मू-पठानकोट व जम्मू - श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध रहेंगे। 

Edited By: Vikas Abrol