यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
National Sports Day 2022: कुपवाड़ा के नौजवान अब खेल के मैदान में दिखा रहे हैं अपना दमखम, लोनहारा क्लब बना वालीबाल का चैंपियन
उत्तरी कश्मीर में एलओसी के साथ सटे जिला कुपवाड़ा के पंजगाम में बुधवार को एक रोमांचक मुकाबले में लुनाहरे क्लब ...और पढ़ें

श्रीनगर, राज्य ब्यूरो। उत्तरी कश्मीर में एलओसी के साथ सटे जिला कुपवाड़ा के पंजगाम में बुधवार को एक रोमांचक मुकाबले में लुनाहरे क्लब ने गुलगोसा को हरा वालीबाल लीग प्रतियोगिता अपने नाम कर ली। गेटवे आफ मिलिटेंसी के नाम से कुख्यात रहे कुपवाड़ा मेंं सेना द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में मिलयल और करालपोरा ब्लाक के विभिन्न गांवों की 14 टीमों ने भाग लिया।
राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में 29 अगस्त को शुरू हुई इस प्रतियोगिता का अंतिम और फाइनल मुकाबला आज खेला गया। प्रतियोगिता में भाग ले रहे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने और खेल के राेमांच का मजा लेने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक पंजगाम के मैदान मे मौजूद रहे।

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि कुपवाड़ा के लोगों को आतंकी हिंसा और जिहाद की असलियत समझ आ चुकी है। अब स्थानीय लोग आतंकियों से किनारा कर रहे हैं। इससे हताश पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ और आतंकी सरगनाओं ने स्थानीय युवाओं को इंटरनेट मीडिया के जरिए बरगलाने के अलावा उन्हें नशे की तरफ धकेलने की साजिश श़ुरु कर रखी है। स्थानीय युवाओं को पाकिस्तान की नापाक साजिशों से बचाने और उनकी ऊर्जा को सकारात्मक गतिविधियों में लगाने के लिए ही वालीबाल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था जो पूरी तरह सफल रहा है। प्रतियोगिता की विजेता लुनाहरे की टीम रही है जबकि गुलगोसा उपविजेता रही है। स्थानीय युवाओं ने इसमें जोश दिखाया है।
लुनाहरे की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले 12वीं कक्षा के खिलाड़ी मुदस्सिर ने कहा कि पहली बार हमोर इलाके में केाई वालीबाल प्रतियोगिता आयोजित हुई है। अब हमारा मकसद कश्मीर के अन्य इलाकों में जाकर खेलना है और मौका मिला तो राष्ट्रीय टीम का हिस्सा भी बनने का प्रयास करूंगा। सेना के सहयोग के बिना यहां इस तरह का आयोजन संभव नहीं था। इस तरह की खेल प्रतियोगिताएं स्थानीय खिलाड़ियों को अपना प्रदर्शन सुधारने का मौका देती हैं और स्थानीय युवाओं को अपनी ऊर्जा नकारात्मक गतिविधियों के बजाय सकारात्मक कार्याें में लगाने के लिए प्रेरित करती हैं। इस तरह के और भी आयोजन होने चाहिए।
