जम्मू, राज्य ब्यूरो।  केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल जीसी मुर्मू ने कहा कि हमें सेव अवर स्किन (एसओएस) सिस्टम से बाहर आकर लोगाें की समस्याओं के समाधान के लिए काम करना चाहिए। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र देश है और हमें जम्मू-कश्मीर में सुशासन के एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए लोगों तक अपनी पहुंच बनानी चाहिए। नई चुनौतियों का मुकाबला प्रभावी तरीके से करना चाहिए।

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर और लद्दाख में सुशासन प्रक्रिया की प्रतिकृति विषय पर जम्मू में क्षेत्रीय कांफ्रेंस के उद्घाटन समारोह में उपराज्यपाल ने कहा कि अधिकारियों को जम्मू-कश्मीर में अपनी सोच में बदलाव करना चाहिए। एसओएस सिस्टम को त्यागते हुए लोगों के लिए काम करने की जरूरत है। जम्मू-कश्मीर में विकास में नई संभावनाएं हैं। पंचायतों को सशक्त करने के लिए भारतीय संविधान के 73वें और 74वें संशोधन को प्रभावी तरीके से लागू किया गया है। निकायों के चुनाव भी हो चुके हैं। उन्होंने डिप्टी कमिश्नरों से कहा कि वे लोगों तक अपनी पहुंच बनाएं और उनकी बात को सुनें। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ संपर्क को मजबूत किया जाए।

उपराज्यपाल मुर्मू ने कहा कि कांफ्रेंस में उठाए जाने वाले मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श के बाद सिफारिशें की जाएंगी, जिसकी रिपोर्ट पर सरकार गौर करेगी। विचारों के आदान-प्रदान से नई चीजों का पता लगेगा। इससे पहले केंद्रीय पर्सनल एंड ट्रेनिंग विभाग के सचिव सी चंद्रमोली ने कहा कि अधिकारियों का काम लोगों की समस्याओं का समाधान करना है और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। हमें आम लोगों के काम के लिए आगे आना चाहिए। लोगों को ज्यादा से ज्यादा फायदा मिले, यह सुशासन का अहम कदम है।

जम्मू के कनवेंशन सेंटर में आयोजित की जा रही क्षेत्रीय कांफ्रेंस में देश के विभिन्न राज्यों से अधिकारी भाग ले रहे हैं। दो दिवसीय इस कांफ्रेंस में सुशासन के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

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