श्रीनगर, जेएनएन। हमें पता चला कि प्रशासन और शासन से जुड़े अधिकतर विभागों के अधिकारी लोगों के लिए उपलब्ध नहीं हो पाते हैं। अपनी समस्याओं को लेकर उन्हें कई-कई बार सरकारी दफ्तरों-अधिकारियों के कार्यालयों के धक्के खाने पड़ते हैं परंतु अब ऐसा नहीं होगा। हमने जम्मू-कश्मीर एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएमएस) को शुरू कर दिया है। जम्मू-कश्मीर एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली में लोगों द्वारा दर्ज की गई शिकायतों की चौबीस घंटे निगरानी होगी। इस बात पर भी अधिक ध्यान दिया जाएगा कि लोगों की समस्याएं-दिक्कतें निर्धारित समय में हल हों।

यह बात उपराज्यपाल मनोज कुमार सिन्हा ने आज यहां श्रीनगर राजभवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान कही। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर एकीकृत शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली को शुरू करने का निर्णय आज राज्य प्रशासनिक परिषद की बैठक में लिया गया। उपराज्यपाल के तौर पर केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का दायित्व संभालने के बाद सिन्हा आज पहली बार पत्रकारों के समक्ष रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों के दौरान उन्होंने विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों, पत्रकारों से बातचीत में यह पाया कि यहां के अधिकतर प्रशासनिक अधिकारी या फिर अन्य विभागों के अधिकारी कभी लोगों के लिए उपलब्ध नहीं होते। उन्हें यह बात अच्छी नहीं लगी। अपनी समस्याओं को लेकर लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़े इसके लिए ही यह आईजीआरएमएस सिस्टम लागू किया गया है।

शुरूआत में यह सिस्टम जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर, जम्मू और जिला रियासी में शुरू किया गया है। आने वाले हफ्तों में यह सुविधा अन्य जिलों में भी उपलब्ध होगी। पोर्टल पर लोगों द्वारा दर्ज की जाने वाली शिकायतों की हरेक मिनट पर निगरानी की जाएगी। यदि लगा कि कोई अधिकारी ढिलाई बरत रहा है तो हम संबंधित शिकायतकर्ता या फिर अधिकारी से बात कर सकते हैं। अगर लोगों की शिकायतों को दूर करते हुए कोई देरी या कोताही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जम्मू और कश्मीर शिकायतों का पोर्टल भारत सरकार के शिकायत पोर्टल के साथ जोड़ा जाएगा।

उपराज्यपाल ने बताया कि राज्य प्रशासनिक परिषद की बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। जिला पुलिस अधीक्षक और उपायुक्त सोमवार से सप्ताह में पांच दिन रोजाना सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे तक अपने कार्यालयों में लोगों के लिए मौजूद रहेंगे। यही समान निर्देश जम्मू और कश्मीर के डिवीजनल कमिश्नरों और आईजीपी को भी दिए गए हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस दौरान जम्मू-कश्मीर के हरेक निवासी के लिए आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा कवर 5 लाख रुपये में देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि कवर घातक बीमारियों से पीड़ित लोगों और अन्य लोगों के लिए भी होगा।

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