जम्मू, राज्य ब्यूरो: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिाए कि वे विश्वविद्यालयों और कालेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का प्राथमिकता पर टीकाकरण करें। उन्होंने कहा कि कोविड से जम्मू-कश्मीर के हालात बहुत बेहतर हैं। अब हम चरणबद्ध तरीके से जम्मू-कश्मीर में शैक्षिक संस्थानों को खोल सकते हैं।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने यह निर्देश शनिवार को कोविड टास्क फोर्स, जिला उपायुक्तों और एसएसपी के साथ बैठक में कोविड के हालात की समीक्षा करने के दौरान दिए। उन्होंने जिला वार हालात का जायजा लिया और प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों पर भी जानकारी ली। उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को कोविड से निपटने में केंद्र सरकार पूरा सहयोग कर रही है।

इस बार जम्मू-कश्मीर को वैक्सीन की 6.5 लाख डोज देने का वायदा था लेकिन केंद्र सरकार ने 16 लाख डोज दी। इसी से अनुमान लगाया जा सकता है कि जम्मू-कश्मीर को लोगाें को लेकर सरकार कितनी चिंतित है। इससे जम्मू-कश्मीर में अगस्त महीने के अंत तक साठ फीसद लोगों का पहली डोज लगाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि 45 साल से अधिक आयु वर्ग में जम्मू-कश्मीर में पहली डोज लेने वाले लोगों की संख्या 99 फीसद से अधिक है। संक्रमण दर कम होकर 0.2 फीसद रह गई है। अब लगातार सभी जिले ग्रीन जोन में बने हुए हैं।

उपराज्यपाल ने सभी जिला उपायुक्तों और एसएसपी को निर्देश दिए कि वे कोविड को नियंत्रण में रखने के लिए एसओपी का सख्ती के साथ पालन करवाएं। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। मंडलायुक्तों और जिला उपायुक्तों को संयुक्त टीमें बनाकर काम करने को कहा गया। उपराज्यपाल ने एसओपी का पालन करवाने के अलावा सौ फीस टीकाकरण, टेस्टिंग बढ़ाने, मास्क पहनाने, माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाने पर जोर दिया ताकि तीसरी लहर को रोका जा सके। बैठक में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अटल ढुल्लू ने जिला वार कोविड की स्थिति के बारे में उपराज्यपाल को अवगत करवाया।

राज्यपाल के सलाहकार आरआर भटनगार, मुख्य सचिव डा. अरुण कुमार मेहता, गृृह विभाग में प्रमुख सचिव शालीन काबरा सहित कई विभागों के अधहिकारी मौजूद थे।

 

Edited By: Rahul Sharma