श्रीनगर, जेएनएन: पुलिस ने दक्षिण कश्मीर के जिला अनंतनाग में लश्कर-ए-तैयबा के मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए चार ओवर ग्राउंड वर्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दावा किया है कि इन चार ओवरग्राउंड वर्करों के पकड़े जाने से आतंकवादियों द्वारा अनंतनाग में बनाई जा रही बड़े हमले की योजना को नाकाम बना दिया गया। यही नहीं घाटी के कई युवा आतंकवाद के रास्ते पर चलने से भी बच गए।

ये चारो आरोपी इलाके के युवाओं को आतंकवादी संगठन में शामिल करने केे लिए उन्हें प्रशिक्षित करने के लिए ऑनलाइन प्लेट-फॉर्म का इस्तेमाल कर रहे थे। वे उन्हें लश्कर-ए-तैयबा के अलावा हिजबुल मुजाहिदीन आतंकवादी संगठन में शामिल होने के लिए भी प्रेरित कर रहे थे।

पुलिस ने ये सारी कार्रवाई अपने तंत्रों की सूचना पर की। सबसे पहले पुलिस ने बारामूला निवासी आमिर रेयाज लोन को गिरफ्तार किया। तलाशी लेने पर आरोपी के पास से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य आपत्तिजनक सामग्री प्राप्त हुई। जब उससे पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह काफी देर से लश्कर-ए-तैयबा के सक्रिय आतंकी हिलाल शेख के संपर्क में है।

उसके खुलासे से यह पता चला कि उसका एक सहयोगी ओवैस अहमद शकसाज निवासी सीर हमदान अनंतनाग इंटरनेट की मदद से एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस बनाता है। सूचना के आधार पर पुलिस ने उसके बताए हुए स्थान पर छापा मारा और उसे गिरफ्तार कर लिया।

उससे की गई पूछताछ के आधार पर दो और आरोपियों तमिल उर्फ सुहैब मुजफ्फर काजी, निवासी काजी मोहल्ला, राजपोरा, पुलवामा और तारिक अहमद डार, निवासी क़ैमुह, कुलगाम को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि तमिल काजी लश्कर के सक्रिय आतंकवादी आकिब डार निवासी पुलवामा के सीधे संपर्क में था। यही नहीं उसे सुरक्षाबलों पर हमला करने का जिम्मा सौंपा गया था और इसके लिए उसे एक हथगोला भी दिया गया था, जो पुलिस ने बाद में बरामद कर लिया।

इसी तरह तारिक अहमद डार भी कुलगाम के एक सक्रिय आतंकवादी असलम डार के संपर्क में पाया गया। पूरा मॉड्यूल लश्कर-ए-तैयबा के सक्रिय आतंकवादियों के लिए काम कर रहा था। ये आतंकी अनंतनाग शहर में हमले की योजना बना रहे थे। इसकेे लिए उन्हें एक आइईडी तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पुलिस ने बताया कि दो ओवर ग्राउंड वर्करों को युवाओं को संगठन में भर्ती करने जबकि दो को हमलों के लिए आइईडी तैयार करने का जिम्मा दिया गया था।

पुलिस ने कहा कि इस मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर उन्होंने अनंतनाग हमले की योजना को नाकाम बना दिया है। यही नहीं ऑनलाइन मॉड्यूल के प्रचार-प्रसार के भी प्रभावित होने से घाटी के कई युवा गलत मार्ग पर चलने से बच गए।

Edited By: Rahul Sharma