जम्मू , राज्य ब्यूरो। चांद की धरती कहलाए जाने वाला लेह विदेशी पर्यटकों के लिए एक आकर्षक पर्यटन स्थल रहा है। यही वजह है कि हर साल लेह में आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो रहा है।  साल 2018 में पचास हजार के करीब विदेशी पर्यटक लेह आए। कुल मिलाकर साल 2018 में 11562 फीट की ऊंचाई वाले लेह जिला में पहली बार तीन लाख पर्यटक पहुंचे जो एक रिकार्ड है। साल 2018 में लेह में 327366 पर्यटक लेह आए जिसमें से 49477 विदेशी पर्यटक शामिल थे।

साल 2017 के मुकाबले में पिछले साल पचास हजार अधिक पर्यटक लेह पहुंचे। साल 2011 में 179491 पर्यटक आए थे जिसमें से 36662 विदेशी पयर्टक थे। इस साल ही लेह में बादल फटने से भारी तबाही हुई थी। साल 2014 में 1.21 लाख घरेलू पर्यटकों ने लेह की सैर की। साल 2015 में 1.46 लाख और साल 2016 में 2.33 लाख पर्यटक लेह पहुंचे थे। लद्दाख एक ठंडा रेगिस्तान है जो सर्दियों में देश के शेष भागों से कटा रहता है। श्रीनगर से लेह मार्ग की लम्बाई 434 किलोमीटर है।

पिछले साल केंद्र सरकार ने एशिया की सबसे लम्बी टनल के निर्माण को मंजूरी दी है। जोजिला पास टनल पर 6089 करोड़ रूपये की लागत का अनुमान है। इसके बन जाने से श्रीनगर से लेह पूरा साल जुड़ा रहेगा। पिछले साल लेह में सबसे अधिक विदेशी पयर्टक अगस्त में 13033 आए। जुलाई में 12226, सिंतबर में 7355 और सबसे कम दिसंबर में 262 विदेशी पयर्टक लेह पहुंचे थे। पिछले दिनों लेह पहुंचे राज्य के मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रामण्यम ने बैठकों की और लेह में पर्यटन की आपार संभावनाएं बताई। 

Posted By: Rahul Sharma

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस