जम्मू, राज्य ब्यूरो। केंद्र शासित जम्मू कश्मीर के सरकारी कर्मचारी अब देश के अन्य हिस्सों के नागरिकों की तरह सरकारी खर्च पर किसी भी राज्य में परिवार के साथ नया साल मना सकते हैं। उपराज्यपाल जीसी मुर्मु ने संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए जम्मू कश्मीर के कर्मचारियों, अधिकारियों के लिए लीव ट्रेवल कन्सेशन (एलटीसी) का लाभ देने संबंधी नए नियमों को मंजूरी दे दी है।

प्रदेश के सरकारी कर्मचारी अगर चाहें तो वे 31 दिसंबर 2019 से पहले अपने अपने विभागों में एलटीसी के लिए आवेदन कर सकते हैं। अलबत्ता वे वर्ष 2023 तक एलटीसी के लिए आवेदन करने के हकदार नही होंगे। एलटीसी सुविधा का लाभ जम्मू कश्मीर के पांच लाख के करीब सरकारी कर्मचारियों व उनके परिवारजनों को मिलेगा। एलटीसी सेवा को मंजूरी देने का उपराज्यपाल का आदेश मंगलवार को वित्त विभाग के वित्त आयुक्त डा अरूण कुमार मेहता ने जारी किया।

बनाए गए नियमों के तहत एलटीसी का लाभ सिर्फ नियमित कर्मचारियों व अधिकारियों को ही मिलेगा। वे चार साल में एक बार देश के किसी भी कौने में परिवार के साथ छुट्टी मनाने के लिए जा सकते हैं। अलबत्ता कर्मचारी दो साल में एक बार अपने होम टाउन के लिए भी एलटीसी की सुविधा ले सकते हैं। गैर राजपत्रित अधिकारियों की एलटीसी पर इंचार्ज राजपत्रित अधिकारी का नियंत्रण रहेगा। वहीं राजपत्रित अधिकारी की एलटीसी बिलों पर हस्ताक्षर करने की जिम्मेवारी उनसे उच्च पद पर आसीन अधिकारी की होगी। अलबत्ता अगर कर्मचारी एलटीसी के नाम पर कोई फ्राड करता है तो सरकार की अनुशासनात्मक कमेटी उसके खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी।

इसी बीच सरकारी कर्मचारी की पत्नी, दो बच्चों के साथ मां, बाप तलाकशुदा बेटी, छोटे बेरोजगार भाई भी एलटीसी के दायरे में आ सकते हैं। सरकारी कर्मचारी के परिवार का कोई भी व्यक्ति जिसकी कमाई डीए को छोड़ कर नौ हजार से कम हो, उसे सरकारी कर्मचारी पर आश्रित माना जाएगा। अलबत्ता किसी कर्मचारी के सस्पेंड होने की स्थिति में एलटीसी नही मिलेगा। अगर पति, पत्नी सरकारी कर्मचारी हों तो वे एक दूसरे के परिवार के सदस्य के रूप में इस सुविधा का लाभ ले पाएंगे।

निजी वाहन से यात्रा के लिए भुगतान नही होगा। इसके साथ सरकारी ट्रांसपोर्ट या पर्यटन प्राधिकरण के माध्यम से यात्रा करना जरूरी है। यात्रा करने के लिए एलटीसी मंजूर करने वाला अधिकारी अग्रिम धन भी जारी कर सकता है। अलबत्ता यह अनुमानित राशि का नब्बे प्रतिशत होना चाहिए। यात्रा के दौरान कर्मचारी दस दिन की अपनी अर्नड लीव भी एनकैश कर सकता है।

Posted By: Rahul Sharma

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