जागरण संवाददाता, जम्मू : शहर के पाश इलाके ग्रेटर कैलाश में नामी वकील की हत्या करने का आरोपित घरेलू नौकरी दीपक सिंह चौहान वारदात के तीन दिन बाद भी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया है। हालांकि पुलिस ने मुख्य आरोपित के एक सहयोगी को हिरासत में लिया है। पुलिस ने दीपक का पीछा पानीपत तक किया, यहां वह वकील की कार को छोड़ कर चला गया था। उसके बाद से अब तक वह पुलिस की पकड़ में नहीं आया है। हालांकि आरोपित दीपक व उसके दो दोस्तों की तलाश में जम्मू पुलिस की टीमों में बाहरी राज्यों में डेरा डाला हुआ है।

कार में टोल प्लाजा में मिली फुटेज के आधार पर यह पता चला था कि हत्यारोपी के साथ दो और युवक हैं। पुलिस ने दोनों की पहचान कर ली है। एक युवक बिहार, जबकि दूसरा असम का रहने वाला है। दोनों जम्मू में काम कर रहे हैं। एसएसपी जम्मू श्रीधर पाटिल ने बताया कि वकील रियाज अहमद बुच्च की हत्या के मामले में पुलिस एक व्यक्ति को पकड़ा है। उस पर आरोप है कि वारदात को अंजाम देने के बाद उक्त व्यक्ति ने दीपक सिंह चौहान को भागने में मदद की थी। हालांकि किन्हीं कारणों से पकड़े गए व्यक्ति की पहचान नहीं बताई जा रही। फरार आरोपितों की धरपकड़ की जल्द ही धरपकड़ कर ली जाएगी। गौरतलब है कि सोमवार को ग्रेटर कैलाश इलाके में रहने वाले रियाज अहमद का शव उसके घर पर खून से सना हुआ मिला था। घर से उनका नौकर गायब था।

इसके अलावा घर में पड़े सोने के जेवरात, नकदी व कार भी गायब थी। पुलिस को जांच के दौरान पता चला था कि कार पंजाब के लुधियाना टोल प्लाजा होकर गुजरी थी। विदेश से वकील की पत्नी के लौटने पर हुआ पोस्टमार्टम घरेलू नौकर ने जब वकील रियाज अहमद बुच्च की हत्या की थी तब वह घर पर अकेले थे। उनका बेटा बाबर बुच्च गोवा और पत्नी शहनाज गोनी अमेरिका गई हुई थी। रियाज की मौत की सूचना मिलते ही घर से बाहर गए दोनों मां बेटा बुधवार को जम्मू वापिस लौट आए। वकील के शव को पुलिस कर्मियों ने वारदात के बाद से ही जीएमसी अस्पताल के मुर्दा घर में रखा हुआ था। बुधवार को परिजनों की मौजूदगी में वकील के शव का पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद शाम पांच बजे रियाज अहमद को चौआदी के कब्रिस्तान में दफनाया गया।