लद्दाख में युवाओं के लिए अच्छी खबर, 8 अक्टूबर से रॉक क्लाइंबिंग की फ्री ट्रेनिंग; 30 को मिलेगा मौका, जानें डिटेल्स
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में युवाओं को साहसिक खेलों से जोड़ने के लिए 7 दिवसीय बेसिक रॉक क्लाइंबिंग कोर्स शुरू ...और पढ़ें

लद्दाख में युवाओं के लिए शुरू होगा रॉक क्लाइंबिंग कोर्स। (फाइल फोटो)
HighLights
लद्दाख में 8 अक्टूबर से 7 दिवसीय रॉक क्लाइंबिंग कोर्स।
12-18 वर्ष के युवा सीखेंगे बुनियादी पर्वतारोहण तकनीकें।
साहसिक खेलों को बढ़ावा देने हेतु पर्यटन विभाग का प्रयास।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के अभियान के तहत युवाओं के लिए आठ अक्टूबर से 7 दिवसीय बेसिक राक क्लाइंबिंग कोर्स का आयोजन किया जा रहा है।
लद्दाख पर्यटन विभाग, पर्वतारोहन को बढ़ावा दे रहे भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन के साथ मिलकर युवाओं को कोर्स में राक क्लाइंबिंग की बुनियादी तकनीकों से परिचित करवाकर उन्हें प्रदेश में साहसिक खेलों में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्सािहत करेगा।
लेह में आयोजित होने वाले इस बेसिक राक क्लाइंबिंग कोर्स में 12 से 18 वर्ष तक की आयु के युवा हिस्सा ले सकते हैं।
कोर्स में 30 युवाओं को मिलेगा मौका
लद्दाख पर्यटन विभाग के अनुसार, यह कोर्स युवाओं को पहाड़ों पर चढ़ने का अनुभव देने, नई चुनौतियों का सामना करने व साहसिक गतिविधियों की दुनिया में खुद को आजमाने का अवसर देने के लक्ष्य के साथ हो रहा है।
बेसिक कोर्स में केवल 30 प्रतिभागियों को हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा। पहले पंजीकरण करवाने वाले युवाओं को बेसिक कोर्स के लिए बुलाया जाएगा।
14 अक्टूबर तक चलेगा सात दिवसीय क्लाइंबिंग कोर्स
सात दिवसीय क्लाइंबिंग कोर्स आठ अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान युवाओं को चट्टानों पर सुरक्षित तरीके से चढ़ने की तकनीक, आवश्यक कौशल व पर्वतीय वातावरण से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।
इस कोर्स में हिस्सा लेने वाले युवा बाद में आयोजित होने वाले इस एडवांस राक क्लाइंबिंग कोर्स में हिस्सा लेने के योग्य हो जाएंगे।
एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने पर जोर
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में इस समय एडवेंचर टूरिस्म को बढ़ावा देने की दिशा में बहुत काम हो रहा है। गर्मियों के महीनों में प्रदेश में कई पर्वतरोहण अभियानों का आयोजन किया जाता है।
ऐसे में युवा पहले बेसिक कोर्स व उसके बाद एडवांस क्लाइंबिंग कोर्स करने के बाद प्रदेश में ट्रैकिंग करने के लिए आने वाले पर्यटकों के गाइड के रूप में भी काम कर सकते हैं।
