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क्या लद्दाख को मिलेगा नया संवैधानिक कवच? आर्टिकल 371 के तहत चैप्टर 'K' जोड़ने की तैयारी, मुख्य सचिव ने बताया प्लान

Published: Tue, 22 Sep 2026 04:44 PM (IST)

लद्दाख को संवैधानिक सुरक्षा प्रदान करने की तैयारी चल रही है, जिसके लिए आर्टिकल 371 के तहत एक नया ढांचा ...और पढ़ें

लद्दाख को आर्टिकल 371 के तहत संवैधानिक सुरक्षा देने की तैयारी। (फाइल फोटो)

लद्दाख को आर्टिकल 371 के तहत संवैधानिक सुरक्षा देने की तैयारी (फाइल फोटो)

HighLights

  1. आर्टिकल 371 के तहत लद्दाख को संवैधानिक सुरक्षा मिलेगी।

  2. नया ढांचा लद्दाख की जमीन, रोजगार, संस्कृति की रक्षा करेगा।

  3. अक्टूबर में गृह मंत्रालय के साथ ड्राफ्ट पर चर्चा होगी।

डिजिटल डेस्क, जम्मू। लद्दाख की खास जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उसे संवैधानिक सुरक्षा देने की तैयारी चल रही है। मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने बताया कि इसके लिए आर्टिकल 371 के तहत एक नया ढांचा तैयार किया जा रहा है।

मुख्य सचिव ने कहा कि लद्दाख के लोगों की उम्मीदों और जरूरतों को ध्यान में रखकर एक नया मॉडल तैयार किया जा रहा है। यह मॉडल देश के दूसरे हिस्सों से अलग होगा। अक्टूबर के पहले हफ्ते में लद्दाख के प्रतिनिधियों और गृह मंत्रालय के बीच होने वाली अगली बैठक में इस ड्राफ्ट पर चर्चा की जाएगी।

केंद्र ने लद्दाख को विशेष संवैधानिक सुरक्षा देने के लिए संविधान के आर्टिकल 371 के तहत एक नया चैप्टर 'K' जोड़ने का प्रस्ताव रखा है।

लद्दाख के अहम मुद्दों पर हुई चर्चा

जानकारी के अनुसार, मुख्य सचिव कुंद्रा ने लेह में बैठक बुलाई थी ताकि केंद्र शासित प्रदेश से जुड़े अहम प्रशासनिक, विकासात्मक और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की जा सके। इनमें संवैधानिक सुरक्षा, ज़मीन के अधिकार, रोजगार, संस्कृति, पर्यावरण, शिक्षा, नशीली दवाओं के दुरुपयोग और जनहित के अन्य मामले शामिल थे।

बैठक को संबोधित करते हुए कुंद्रा ने कहा कि लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा की जरूरत पर आम सहमति है।

उन्होंने कहा, 'अहम बात यह है कि लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा ज़रूरी है। इस सुरक्षा में हमारी जमीन, रोजगार, संस्कृति, पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन शामिल होने चाहिए।'

सहमति के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया

केंद्र और लद्दाख के बीच बातचीत का ज़िक्र करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि चर्चाओं से जो अहम सुझाव सामने आए हैं, उनमें प्रस्तावित UT-स्तरीय निकाय के लिए सीधे चुनाव कराना भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि ढांचे पर सहमति बनने के बाद आगे के कदम उठाए जाएंगे, जिसमें संसद द्वारा प्रस्तावित संवैधानिक संशोधन पर विचार करना भी शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि बाद में प्रस्तावित निकाय की शक्तियों, कार्यों और संस्थागत व्यवस्थाओं के बारे में विस्तृत प्रावधान करने के लिए एक अलग कानून की ज़रूरत होगी।

लद्दाख में चार लाख से ज़्यादा पर्यटक आए 

मुख्य सचिव ने बताया कि इस साल अब तक लद्दाख में चार लाख से ज़्यादा पर्यटक आए हैं, जबकि पिछले पूरे साल में यह संख्या लगभग 3.35 लाख थी।