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राज्य का दर्जा-विधानसभा पर नहीं बनी बात, अब आर-पार के मूड में लद्दाख के संगठन; 20 सितंबर को होगा बड़ा प्रदर्शन

Published: Wed, 16 Sep 2026 12:38 PM (IST)

केंद्र सरकार पर लद्दाख के मुद्दों को लेकर दबाव बनाने के लिए क्षेत्र के संगठन आंदोलन तेज करने की तैयारी ...और पढ़ें

लद्दाख के मुद्दाें पर कारगिल में 20 सितंबर को केडीए का प्रदर्शन। (फाइल फोटो)

लद्दाख के मुद्दाें पर कारगिल में 20 सितंबर को केडीए का प्रदर्शन (फाइल फोटो)

HighLights

  1. केडीए ने लद्दाख के मुद्दों पर 20 सितंबर को कारगिल में प्रदर्शन बुलाया।

  2. उपराज्यपाल ने विकास में बाधा डालने वाले संगठनों पर कड़े तेवर दिखाए।

  3. संगठन 9 सितंबर की दिल्ली बैठक के नतीजों से बेहद निराश हैं।

राज्य ब्यूरो, जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर दवाब बनाने के लिए क्षेत्र के संगठनों ने धरने, प्रदर्शनों की राजनीति को तूल देने की तैयारी कर ली है। कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस ने 20 सितंबर को कारगिल में विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है।

वहीं लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने भी इन संगठनों को लेकर कड़े तेवर दिखाए हैं। उन्होंने मंगलवार को कहा है कि प्रदेश के कुछ संगठन विकास की वास्तविक चिंता किए बिना अपने राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए प्रयास कर रहे हैं।

उपराज्यपाल ने कहा है कि किसी को भी लद्दाख की प्रगति में बाधा डालने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। उन्होंने ऐसा जंस्कार में दो दिवसीय जंस्कार महोत्सव का उद्घाटन करते हुए कहा।

9 सितंबर को सब कमेटी की बैठक से निराश

उपराज्यपाल का यह बयान उस समय आया है जब दिल्ली में सब कमेटी की बैठक के बाद लेह अपेक्स बाडी व कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस लद्दाख में अपने मुद्दों काे लेकर आंदोलन करने के लिए तैयार हो रहे हैं।

लेह अपेक्स बाडी के पदाधिकारी व पर्यावरणविद्ध सोनम वांगचुक ने क्षेत्र के मुद्दों को लेकर उन्नीस सितंबर से 24 सितंबर तक पद्यात्रा करने की घोषणा की है। केडीए व लेह अपेक्स बाडी 9 सितंबर को सब कमेटी की बैठक से निराश हैं।

राज्य का दर्जा और विधानसभा की मांग पर नहीं बनी बात

केंद्र सरकार ने लद्दाख के इन संगठन द्वारा अगस्त महीने में भेजे गए लिखित मसौदे को अस्वीकार करने के बाद अब स्पष्ट संकेत दिए है कि लद्दाख को राज्य दर्जा मिलेगा और न ही यह विधायिका वाला केंद्र शासित प्रदेश ही बनेगा। सब कमेटी की बैठक में भी इन मुद्दों पर बातचीत नही हुई है।

अब गृह मंत्रालय की सब कमेटी की अगली बैठक अक्टूबर माह में कारगिल में होनी है। इससे पहले लेह अपेक्स बाडी व कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस ने अपने राजनीतिक एवं संवैधानिक अधिकारों से जुड़ी मांगों को लेकर 19 सितंबर से नए सिरे से आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है।

20 सितंबर को कारगिल में विरोध प्रदर्शन का एलान

दोनों संगठनों ने लद्दाख में 24 सितंबर को हिसंक प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत का एक साल पूरा होने पर कार्यक्रमों के आयोजन की तैयारी की है।

लद्दाख की राजनीतिक मांगों व गत वर्ष लेह में हुई हिंसा के दौरान पुलिस फायरिंग में मारे गए चार लोगों के परिवारों को न्याय दिलाने की मांग पर केडीए ने 20 सितंबर को कारगिल में बड़ा विरोध प्रदर्शन का एलान किया है। केडीए ने केंद्र सरकार पर लद्दाख की मांगों को लेकर चल रही वार्ता में गंभीरता और ईमानदारी नहीं दिखाने का आरोप लगाया है।

मृतकों के परिवारों और घायलों के लिए राशि बढ़ाने की मांग

लेह में हुई हिंसा के पीड़ितों के लिए हाल ही में उपराज्यपाल की ओर से घोषित मुआवजे को अपर्याप्त बताते हुए केडीए ने मृतकों के परिवारों व घायलों के लिए मुआवजा राशि बढ़ाने व सभी लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की है।

केडीए नेताओं ने 9 सितंबर को दिल्ली में हुई वार्ता को निराशाजनक व निष्फल बताते हुए कहा कि बैठक में लद्दाख के लिए प्रस्तावित केंद्र शासित प्रदेश स्तरीय विधायी, प्रशासनिक व वित्तीय ढांचे को लेकर केंद्र की ओर से कोई ठोस मसौदा पेश नहीं किया गया।

इसके बाद संगठनों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी थी।

मृतकों के परिवारों को 1.5 करोड़ तक मुआवजे की मांग

सह-अध्यक्ष असगर अली करबलई ने मंगलवार को कारगिल में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि गृह मंत्रालय प्रस्तावित यूटी स्तरीय ढांचे को लेकर कोई ठोस मसौदा सामने रखेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि 9 सितंबर की बैठक में वही बातें दोहराई गईं, जिन पर 22 मई को हुई उपसमिति की बैठक में चर्चा हो चुकी थी।

करबलई ने कहा कि बैठक को लेकर अलग-अलग तरह के दावे किए जा रहे हैं। ऐसे में भविष्य में लद्दाख से संबंधित सब कमेटी या हाई पावर कमेटी की बैठकों की पूरी वीडियो रिकार्डिंग व लाइव स्ट्रीमिंग की मांग की जाएगी ताकि किसी तरह का भ्रम या अविश्वास पैदा न हो।

केडीए ने मृतकों के परिवारों के लिए 1 से 1.5 करोड़ रुपये, गंभीर रूप से घायलों के लिए 50 लाख से 1 करोड़ रुपये व मामूली रूप से घायल लोगों के लिए 30 से 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है।