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लद्दाख में सांस्कृतिक धरोहर का जश्न, लेह में शुरू हुआ चार दिवसीय पोलो महोत्सव; 7 टीमें दिखा रहीं घुड़सवारी का कौशल

Published: Thu, 01 Oct 2026 11:27 PM (IST)

लेह के चशोत में चार दिवसीय लद्दाख पोलो महोत्सव शुरू हो गया है, जिसका उद्देश्य सदियों पुरानी घुड़सवारी और पोलो विरासत को पुनर्जीवित करना है।

लद्दाख पोलो महोत्सव का भव्य शुभारंभ। फाइल फोटो

लद्दाख पोलो महोत्सव का भव्य शुभारंभ। फाइल फोटो

HighLights

  1. लेह के चशोत में चार दिवसीय लद्दाख पोलो महोत्सव शुरू।

  2. पांचवीं सीइसी पोलो कप में पुरुष और महिला टीमें भाग ले रही हैं।

  3. लद्दाख की सदियों पुरानी घुड़सवारी व पोलो विरासत को जीवंत किया जा रहा है।

राज्य ब्यूरो, जम्मू। लद्दाख की सदियों पुरानी घुड़सवारी व पोलो विरासत को जीवंत रखने के दिशा में प्रयासों के चलते वीरवार को लेह जिले के चशोत इलाके में चार दिवसीय लद्दाख पोलो महोत्सव शुरू हो गया।
पोलो महोत्सव के तहत चशोत के शागारन पोलो ग्राउंड में शुरू हुई पांचवी सीइसी पोलो कप प्रतियोगिता के पहले दिन टीमों ने घुड़सवारी कौशल का प्रदर्शन किया।

चार अक्टूबर तक चलने वाली इस पोलो प्रतियोगिता में लद्दाख के विभिन्न हिस्सों की सात टीमें हिस्सा ले रही हैं। इन टीमों में पुरूषों की पांच टीमों में इंडस चुचोट पोलो क्लब, पशुपालन विभाग व श्योक पोलो क्लब की टीमें मुख्य हैं। उनके साथ महिलाओं की दो टीमें भी पोलो कप में हिस्सा ले रही हैं।

प्रतियोगिता का शुभारंभ लेह के डिप्टी कमिश्नर रोमिल सिंह ढोंक ने किया। इस दौरान उन्होंने पोलो कप प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली टीमों के खिलाड़ियों से बातचीत कर खेल को बढ़ावा देने के मुद्दे पर चर्चा की। इस दौरान लद्दाख की सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लेह के विभिन्न हिस्सों के कई कलाकारों ने लोक गीत व नृत्य पेश कर समा बांधा।

पोलो ग्राउंड में महिला पोलो टीमों का प्रदर्शन

लेह के चुशोत में चार अक्टूबर तक चलने वाले लद्दाख महोत्सव में पोलो मुकाबलों के साथ लद्दाख की स्थानीय संस्कृति का प्रदर्शन किया जा रहा है। ऐसे में वीरवार को प्रतियोगिता के पहले दिन कई पर्यटक भी पोलो खेल का आनंद लेने के लिए पहुंचे।

पर्यटकों को आकर्षित करने वाले के लिए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित होने वाले महोत्सवों में पोलो खेल मुकाबले भी आयोजित किए जा रहे हैं। गत दिनों लेह में आयोजित किए गए लद्दाख पर्यटन महोत्सव के दौरान भी चशोत के पोलो ग्राउंड में महिला पोलो टीमों का प्रदर्शन मुकाबला करवाया गया था।

लद्दाख में पोलो खेल की परंपरा सदियों पुरानी है। अब प्रशासन के सहयोग से घुड़सवारी व पोलो की विरासत को जीवंत किया जा रहा है। लद्दाख के सुरम्य पहाड़ों के बीच पोलो मुकाबलों में पर्यटक भी दिलचस्पी लेते हैं। कभी पुरुषों तक सीमित पोलो खेल में अब महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ रही है। लद्दाख के इस पारंपरिक खेल पोलो को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के प्रयास हो रहे हैं।

कमरे व मैदान की सतह को बेहतर बनाना शामिल

इस समय चशोत के शागरान ग्राउंड को एक स्थायी हार्स पोलो अकादमी व युवा प्रशिक्षण के लिए उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने की योजनाओं पर काम चल रहा है। वहां चल रहे बुनियादी ढांचे के उन्नयन कार्यों में खिलाड़ियों के लिए कमरे व मैदान की सतह को बेहतर बनाना शामिल हैं। पशुपालन विभाग चशोत में खेल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए घोड़ों के स्वास्थ्य, टीकाकरण व प्रशिक्षण का जिम्मा संभालेगा।