लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश का अलर्ट, बाढ़ और भूस्खलन का खतरा
लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और बाढ़ की आशंका के चलते अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों ...और पढ़ें
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लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश का अलर्ट। फोटो जागरण
HighLights
लद्दाख में अचानक बाढ़ और भारी बारिश का अलर्ट जारी।
जम्मू-कश्मीर में मानसून सक्रिय, कई जिलों में भारी वर्षा दर्ज।
लोगों को जल स्रोतों से दूर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। लद्दाख के विभिन्न क्षेत्रों में अचानक बाढ़ और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए उपराज्यपाल प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। सांगरा, करकिचू, सिल्मो और योकमा खाबू इलाकों में बाढ़ के कारण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
प्रशासन और सेना राहत कार्य में जुटी है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में लद्दाख के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है, जिससे बाढ़, भूस्खलन और मलबा आने का खतरा है। लोगों को जल स्रोतों से दूर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
आवश्यक सेवाएं बाधित हो सकती हैं, इसलिए प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को तैयार रहने का निर्देश दिया है। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की गई है।
जम्मू-कश्मीर में मानसून सक्रिय बना हुआ है और कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी है। पिछले 24 घंटों के दौरान कटड़ा में सबसे अधिक 107.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा राजौरी में 63, पूंछ में 61, रियासी में 54.5 एमएम वर्षा दर्ज की गई।
इस दौरान कठुआ में 93.5 मिलीमीटर, सांबा में 38 एमएम वर्षा दर्ज की गई।<br/>मौसम विभाग के अनुसार 23 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और अधिकांश स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
इस दौरान जम्मू-कश्मीर के कुछ जिलों में भारी बारिश और कुछ स्थानों पर थोड़े समय के लिए अत्यंत तेज बारिश होने की संभावना है। जम्मू संभाग के कुछ जिलों में दोपहर बाद, शाम, देर रात और सुबह के समय भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 24 से 27 जुलाई के बीच भी कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने तथा अलग-अलग स्थानों पर थोड़े समय के लिए तेज बारिश होने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने भारी बारिश के मद्देनजर फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और मलबा गिरने की आशंका जताई है। नदियों और नालों में जलस्तर बढ़ने के साथ-साथ निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है। लोगों को मौसम की स्थिति को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
