विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

लद्दाख में 52 से बढ़कर 100 हुईं पहाड़ी परिषदों की सीटें, लेह को सबसे ज्यादा 22; जानें किसे कितनी सीटें मिलीं

By Naveen NawazEdited By: Dallu Slathia
Published: Fri, 23 Oct 2026 01:20 PM (IST)

लद्दाख में स्थानीय शासन के पुनर्गठन हेतु राज्य निर्वाचन आयोग ने आठ पर्वतीय विकास परिषदों के लिए 100 सीटों के ...और पढ़ें

लद्दाख में 100 सीटों के लिए परिसीमन मसौदा जारी। (फाइल फोटो)

लद्दाख में 100 सीटों के लिए परिसीमन मसौदा जारी। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. लद्दाख की आठ परिषदों के लिए 100 सीटें आवंटित की गईं।

  2. परिसीमन मसौदा जारी, 2 नवंबर तक सुझाव आमंत्रित किए गए।

  3. निर्वाचित सीटों की संख्या 52 से बढ़कर 100 कर दी गई।

राज्य ब्यूरो, जम्मू। लद्दाख में स्थानीय शासन व्यवस्था के पुनर्गठन की दिशा में राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने लेह, कारगिल और शाम सहित आठ लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषदों (LAHDC) के लिए 100 निर्वाचित सीटों के आवंटन के बाद परिसीमन प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। आयोग ने लेह, कारगिल और शाम की मसौदा अधिसूचनाएं जारी कर स्थानीय निवासियों, पंचायत प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों से 2 नवंबर 2026 तक आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं।

संशोधित लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद अधिनियम, 1997 के तहत निर्वाचित सीटों की संख्या 52 से बढ़ाकर 100 की गई है। राजस्व विभाग की 21 अक्टूबर की अधिसूचना के अनुसार, आठ परिषदों में सीटों का आवंटन इस प्रकार है..

 

क्षेत्र           

सीटें        

लेह

22

कारगिल

21

सांकू

13

चांगथांग

10

नुब्रा

9

शाम

9

जांस्कर

9

द्रास

7

सीटों के आवंटन और परिसीमन में क्या है अंतर?

नई व्यवस्था का उद्देश्य लद्दाख के आठ जिलों में अलग-अलग परिषदों के माध्यम से स्थानीय प्रतिनिधित्व का विस्तार करना है। हालांकि, सीटों का आवंटन और परिसीमन अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। सीट आवंटन से प्रतिनिधियों की संख्या तय होती है, जबकि परिसीमन से यह निर्धारित होता है कि कौन-से गांव, पंचायत हलके और नगर निकाय वार्ड किस निर्वाचन क्षेत्र में शामिल होंगे।

लेह और कारगिल में विस्तृत मसौदा

लेह के लिए प्रस्तावित 22 निर्वाचन क्षेत्रों में चुचोट, माथो, स्तकना, स्टोक, शारा, चेमडे, इगू, सक्ती, साबू, स्पितुक, फ्यांग, निमू, सासपोल, लिंगशेड, शे और थिक्से सहित विभिन्न ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं। वहीं, गोंपा-संकर, तुकचा-शेनम, स्कारा, मुर्त्से, स्काम्पारी और सोलर कॉलोनी जैसे शहरी वार्ड भी मसौदे का हिस्सा हैं।

कारगिल को 21 सीटें आवंटित की गई हैं। मसौदे में शरगोल, लोटचुम, पशकुम, चिकतान, वाखा, संजक और सिलमो सहित ग्रामीण क्षेत्रों तथा चंचिक, द्रेथांग बलती बाजार, गोमा, पोयेन और बारू जैसे नगर निकाय वार्डों का उल्लेख है। प्रशासन ने 21 अक्टूबर को तत्कालीन एलएएचडीसी कारगिल को भंग करने का आदेश भी जारी किया था। नई परिषद के गठन तक इसके कार्यों का अंतरिम संचालन उपायुक्त-सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी, कारगिल के अधीन रहेगा।

सांकू, चांगथांग और अन्य परिषदें

सांकू को 13, चांगथांग को 10, नुब्रा और जांस्कर को नौ-नौ तथा द्रास को सात सीटें मिली हैं। प्रशासन ने 16 अक्टूबर को सांकू को लद्दाख का आठवां जिला अधिसूचित कर इसे मुख्यालय बनाया था।

शाम के लिए प्रस्तावित नौ निर्वाचन क्षेत्रों के नाम लामायुरू, खाल्त्सी, दोमखर, तेमिसगाम, आर्यन वैली-I, आर्यन वैली-II, स्कुर्बुचन, सासपोल और लिकिर हैं। उपलब्ध तीन मसौदा अधिसूचनाओं में सांकू, चांगथांग, नुब्रा, जांस्कर और द्रास की विस्तृत निर्वाचन क्षेत्रवार सीमाएं शामिल नहीं थीं।

दो नवंबर तक जमा करें आपत्तियां

परिसीमन में भौगोलिक निरंतरता, पंचायत एवं नगर निकाय की सीमाओं, जनसंख्या वितरण और दुर्गम क्षेत्रों में आवागमन को ध्यान में रखा जाएगा। आपत्तियां और सुझाव कार्यदिवसों में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक संबंधित कार्यालयों में जमा किए जा सकते हैं।