लेह में स्थापित होगी लद्दाख हाई कोर्ट की बेंच, LG विनय कुमार ने दी मंजूरी
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट की बेंच स्थापित करने को मंजूरी मिल गई है।

लेह में स्थापित होगी लद्दाख हाई कोर्ट की बेंच (फाइल फोटो)
HighLights
लेह में लद्दाख हाई कोर्ट की बेंच स्थापित करने को मंजूरी
उपराज्यपाल ने मुख्य न्यायाधीश की सिफारिश पर यह निर्णय लिया
लेह में लंबित मामलों की अधिकता और प्रशासनिक महत्व मुख्य कारण
राज्य ब्यूरो, जम्मू। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह में लद्दाख हाईकोर्ट की बेंच काम करना शुरू करेगी। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की सिफारिश पर लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने हाईकोर्ट की बेंच के शुरुआती कार्यस्थल के रूप में लेह को मंजूरी दे दी है।
हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने 15 सितंबर को प्रशासन को सूचित किया था कि मुख्य न्यायाधीश ने लद्दाख में हाई कोर्ट बेंच की शुरुआती बैठक के लिए लेह की सिफारिश की है।
लोक भवन के प्रवक्ता के अनुसार, लेह को चुनने के पीछे न्यायिक, प्रशासनिक और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण कारण हैं। इनमें लेह डिवीजन से आने वाले मामलों की संख्या, लेह का प्रशासनिक महत्व और बेंच के संचालन के लिए उपलब्ध अस्थायी बुनियादी ढांचा प्रमुख हैं।
423 मामले लंबित
प्रशासन के समक्ष रखे गए न्यायिक आंकड़ों के मुताबिक, लद्दाख से संबंधित हाई कोर्ट में कुल 423 मामले लंबित हैं। इनमें से 252 मामले लेह डिवीजन से जुड़े हैं। अर्थात लद्दाख के लंबित मामलों में करीब 60 प्रतिशत मामले लेह से संबंधित हैं।
हाईकोर्ट ने माना है कि बेंच की शुरुआती बैठक लेह में होने से क्षेत्र के बड़ी संख्या में वादकारियों और कानूनी पेशेवरों को सुविधा मिलेगी।
इसके अलावा लेह लद्दाख का प्रशासनिक मुख्यालय है। यहां लोक निवास, सिविल/प्रशासनिक सचिवालय और विभिन्न सरकारी विभागों के प्रमुख कार्यालय स्थित हैं। ऐसे में लेह में हाईकोर्ट बेंच होने से प्रशासन से जुड़े मामलों में समन्वय, सरकारी पक्ष की कानूनी पैरवी और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुविधा होगी।
कब होगा बेंच का काम शुरू?
हाईकोर्ट के अनुसार, बेंच के लिए स्थायी संस्थागत ढांचा दीर्घकालिक व्यवस्था के तहत विकसित किया जाएगा। हालांकि लेह में अस्थायी बुनियादी ढांचे की पहचान पहले ही कर ली गई है जिससे स्थायी निर्माण पूरा होने का इंतजार किए बिना बेंच का कामकाज शुरू किया जा सकेगा।
मंजूरी के बाद कानून एवं न्याय विभाग, लेह के उपायुक्त के साथ समन्वय कर बेंच के संचालन के लिए आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थाएं करेगा। इनमें प्रोटोकाल, बाहर से आने वाले न्यायाधीशों और कर्मचारियों के आवास तथा सुरक्षा व्यवस्था शामिल हैं।
यह स्वीकृत केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख (लद्दाख में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के उच्च न्यायालय की पीठ की बैठक) विनियमन, 2026 (नंबर 10 आफ 2026) की धारा 2(2) के तहत दिया गया है। यह विनियम राष्ट्रपति द्वारा जारी किया गया था और 5 सितंबर 2026 को प्रभावी हुआ था।
