लद्दाख देश का पहला 100 प्रतिशत जैविक केंद्र शासित प्रदेश घोषित, किसानों को मिलेगा लाभ
लद्दाख को भारत का पहला 100% जैविक केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया है, जिसकी घोषणा उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने की।

लद्दाख देश का पहला 100 प्रतिशत जैविक केंद्र शासित प्रदेश घोषित।
HighLights
लद्दाख भारत का पहला 100% जैविक केंद्र शासित प्रदेश घोषित
रासायनिक उर्वरकों पर पूर्ण प्रतिबंध, जैविक खेती को बढ़ावा
स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बेहतर बाजार, किसानों की आय बढ़ेगी
जागरण संवाददाता, जम्मू। लद्दाख को भारत का पहला 100 प्रतिशत जैविक केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया है। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने यह घोषणा करते हुए जैविक खेती को बढ़ावा देने में किसानों के योगदान और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के प्रयासों की सराहना की।
प्रशासन के अनुसार, यह उपलब्धि रसायन-मुक्त खेती को प्रोत्साहित करने और लद्दाख की पारंपरिक कृषि पद्धतियों को संरक्षित करने के लिए किए गए प्रयासों का परिणाम है। इससे क्षेत्र के नाजुक हिमालयी पर्यावरण की रक्षा करने, मिट्टी और जल की गुणवत्ता बनाए रखने तथा किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।
उपराज्यपाल ने कहा कि लद्दाख के किसानों ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद पर्यावरण के अनुकूल खेती को आगे बढ़ाकर उदाहरण पेश किया है। उन्होंने कहा कि जैविक दर्जा हासिल करना केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और किसानों की आजीविका बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
रासायनिक उर्वरकों पर पूर्ण प्रतिबंध
लद्दाख में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए जुलाई 2026 में रासायनिक और कृत्रिम उर्वरकों की खरीद, वितरण, बिक्री, विपणन और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया गया था। इस निर्णय का उद्देश्य जैविक खेती के मानकों को बनाए रखना और मिट्टी तथा जल संसाधनों को रासायनिक प्रदूषण से बचाना है।
इससे पहले मार्च 2026 में प्रशासन ने बुवाई के मौसम से पहले किसानों को जैविक उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न गांवों में वितरण हेतु उर्वरकों की खेप रवाना की थी। प्रशासन ने जैविक खेती की ओर बदलाव के दौरान किसानों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी कदम उठाए हैं।
स्थानीय उत्पादों को मिल सकता है बेहतर बाजार
लद्दाख में जैविक खेती को बढ़ावा मिलने से खुबानी, सी बकथॉर्न, कुट्टू, जौ और सब्जियों जैसे स्थानीय उत्पादों के लिए नए बाजार खुलने की संभावना है। जैविक प्रमाणीकरण, बेहतर भंडारण, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और विपणन सुविधाओं के विस्तार से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकता है।
उपराज्यपाल ने कहा कि लद्दाख के जैविक दर्जे का लाभ किसानों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए बाजार तक पहुंच बेहतर बनाने, उपज का उचित मूल्य दिलाने और जैविक उत्पादों की विपणन व्यवस्था मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने पारंपरिक कृषि ज्ञान के साथ वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर भी जोर दिया। साथ ही, उम्मीद जताई कि लद्दाख की यह पहल अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपनी स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप टिकाऊ कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।
